
दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉल माशातिले ने आज, 2 जून, 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
भारत की अपनी पहली यात्रा पर आए उपराष्ट्रपति माशातिले का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका एक-दूसरे के साथ विशेष मित्रता रखते हैं और यह मित्रता ऐतिहासिक होने के साथ-साथ समसामयिक भी है। हमारी बहुआयामी साझेदारी साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित है। दक्षिण अफ्रीका वह पहला देश था जिसके साथ भारत ने वर्ष 1997 में रणनीतिक साझेदारी कायम की थी।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका सदैव ‘ग्लोबल साउथ’ की मुखर आवाज़ रहे हैं। हम उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्ष साझा करते हैं। संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, और G20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर अपने घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से, हम न केवल अपने लोगों के लिए, बल्कि वृहत्तर पैमाने पर ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए भी शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने का प्रयास करते हैं।
राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच लगभग 15.5 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है। उन्होंने कहा कि व्यापार की संभावनाएं कहीं अधिक व्यापक हैं, और हमें अपने व्यापारिक संबंधों को और ऊंचे स्तर पर ले जाने का प्रयास करना चाहिए। हमें एक ऐसा अनुकूल नीतिगत परिवेश सुलभ कराना जारी रखना चाहिए, जो दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजारों में अपने निवेश और कारोबारी गतिविधियों का विस्तार करने में सक्षम बनाए।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत, अफ्रीका के साथ अपनी साझेदारी के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, और भारत इंडिया-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की बैठक यथाशीघ्र पुन: बुलाने के लिए अफ्रीकी संघ आयोग के साथ मिलकर काम करेगा।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच घनिष्ठ सहयोग से हमारे लोगों को बहुत अधिक फायदा पहुंच सकता है।


