
दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) ने पिछले कुछ दिनों में संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम में तीन और चूजों को शामिल किया है, जिससे बंदी प्रजनन के चौथे वर्ष में अब तक पैदा हुए चूजों की कुल संख्या 26 हो गई है।
यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस जानकारी को साझा करते हुए बताया कि तीन नए चूजे एक जंगली अंडे और दो बंदी अंडों से निकले हैं। उन्होंने कहा कि अब बंदी पक्षियों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है और इस मौसम में और भी चूजों के जन्म की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीआईबी के बंदी प्रजनन के चौथे वर्ष में अब तक 26 चूजे निकले हैं, जिनमें से 18 कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से, चार प्राकृतिक प्रजनन के माध्यम से और चार जंगली अंडों से निकले हैं। यादव ने आगे कहा कि जंगली अंडों के बदले, राजस्थान में ‘जंपस्टार्ट इंटरवेंशन’ के ज़रिए तीन चूज़े प्राकृतिक माहौल में निकले हैं; इसका मकसद शुरुआती जेनेटिक विविधता को बेहतर बनाना और शिकार होने के जोखिम को कम करना है।

