
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, उद्यानिकी विभाग एवं प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानियों पर परिचर्चा आयोजित की गई।
प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा संचालित “11 गुठलियां लाओ, 1 आम पाओ” अभियान को आमजन का भरपूर सहयोग मिला, जिसके अंतर्गत लगभग 14,000 आम की गुठलियों का संग्रह किया गया। इन गुठलियों से 10 जिलों में नर्सरियां तैयार की जाएंगी तथा पौधे विकसित होने के बाद संबंधित जिलों की 10 ग्राम पंचायतों में उनका रोपण एवं संरक्षण किया जाएगा। अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी ने बताया की गुठलियों का संग्रह अभियान जारी रहेगा जिसके लिए शहर के अलग-अलग स्थान में संग्रह केंद्र बनाए गए हैं।
महोत्सव में बच्चों के लिए आयोजित मैंगो फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता* आकर्षण का केंद्र रही। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान यश यादव, द्वितीय स्थान शिवानी पत्रवानी एवं *तृतीय स्थान शिवम दीक्षित ने प्राप्त किया। सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की जज संगीता ठाकुर शिक्षिका एवं समाज सेविका थी।
कार्यक्रम में डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग ने बाल आश्रम के लगभग 70 बच्चों के साथ सहभागिता की। बच्चों को आम महोत्सव के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण के विषय में जानकारी दी गई। डॉ. शर्मा ने महोत्सव की सराहना करते हुए इसे जनजागरण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
इस अवसर पर आम महोत्सव में सहयोग देने वाली विभिन्न व्यापारिक एवं सामाजिक संस्थाओं का सम्मान किया गया। साथ ही बेमेतरा से आए पर्यावरण प्रेमी संगठन के संस्थापक विद्या भूषण दुबे एवं उनकी टीम को आम के पौधों की नर्सरी तैयार करने हेतु 1,000 गुठलियां* प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में डॉ. विवेक त्रिपाठी, संचालक, अनुसंधान केंद्र, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा मोहन वर्ल्यानी, अध्यक्ष, प्रकृति की ओर सोसायटी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन श्वेता एंकर द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. अनिल चौहान, निर्भय धाडीवाल, लक्ष्मी यादव, सर्वत्र सेठी, मनीषा त्रिवेदी, शिल्पी नागपुरे, राम खटवानी, डी. के. तिवारी, दलजीत बग्गा एवं एस. के. टांग* सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


