
डिजिटल पेमेंट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। फर्जी लिंक भेजकर बैंक खाते से पैसे निकालना, UPI फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना, फर्जी निवेश या लोन ऐप के जरिए पैसे ऐंठना और पहचान का गलत इस्तेमाल जैसे मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय जितनी जल्दी हो सके सही माध्यम से शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है।
भारत में साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत National Cyber Crime Reporting Portal – cybercrime.gov.in पर की जा सकती है। वहीं वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर जल्द से जल्द सूचना देना महत्वपूर्ण है। समय पर शिकायत करने से संबंधित एजेंसियों को संदिग्ध लेनदेन पर कार्रवाई करने का मौका मिल सकता है, हालांकि रकम वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।
साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करें?
अगर आपके बैंक खाते, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, UPI या ऑनलाइन वॉलेट से धोखाधड़ी कर पैसे निकाल लिए गए हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक या संबंधित पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को सूचना दें।
जरूरत पड़ने पर कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य प्रभावित सेवाओं को ब्लॉक करवाएं। UPI से संबंधित धोखाधड़ी हुई है तो संबंधित बैंक और UPI ऐप के आधिकारिक सपोर्ट पर भी शिकायत दर्ज करें।
1930 पर कैसे करें शिकायत?
वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए भारत सरकार की साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 उपलब्ध है।
कॉल करते समय अपने पास मोबाइल नंबर, बैंक/UPI से संबंधित जरूरी जानकारी, ट्रांजैक्शन ID, ठगी की रकम, तारीख और समय जैसी जानकारी तैयार रखें।
घटना के बारे में सही और स्पष्ट जानकारी दें। शिकायत से संबंधित कोई acknowledgment/reference number मिले तो उसे सुरक्षित रखें।


