छत्तीसगढ़राज्य

शराब में ओवररेटिंग, आबकारी एसआई सस्पेंड, विक्रेता के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

रायपुर। राजधानी रायपुर की फाफाडीह स्थित विदेशी मदिरा दुकान में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री का मामला पकड़ में आने पर विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, और संबंधित क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक कौशल किशोर सोनी को कर्तव्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान फाफाडीह विदेशी मदिरा दुकान में कार्यरत विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा दो पाव ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की निर्धारित मूल्य 240 रुपये प्रति पाव की दर से 480 रुपये के स्थान पर 500 रूपए में बेची जा रही है। इस प्रकार उपभोक्ता से कुल 20 रुपये अधिक वसूले जाने की पुष्टि हुई।

इसी आधार पर आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा आबकारी उपनिरीक्षक कौशल किशोर सोनी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उप आयुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता रायपुर रहेगा। इस मामले में मदिरा दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता के विरूद्ध अधिक दर पर मदिरा विक्रय का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

रागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गंडई स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त ने गंडई वृत्त प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को कर्तव्य में लापरवाही, उदासीनता और कमजोर निगरानी के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में शराब विक्रेता के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

कार्यालय आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने गंडई शराब दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छद्म ग्राहक के माध्यम से शराब की बिक्री दर का सत्यापन कराया गया। जांच में पाया गया कि दुकान में कार्यरत विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर ने तीन पाव देशी मदिरा प्लेन, जिसकी निर्धारित कीमत 240 रुपये थी, उसे 250 रुपये में बेच दिया। यानी ग्राहक से 10 रुपये अधिक वसूले गए।

इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए विक्रयकर्ता वेदप्रकाश निर्मलकर के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत अधिक दर पर मदिरा विक्रय का प्रकरण दर्ज किया गया है।

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