
दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के तीसरे अग्रिम अनुमान जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है जिसका सकारात्मक परिणाम अब रिकॉर्ड उत्पादन के रूप में सामने आ रहा है। तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 3577.32 लाख टन की तुलना में लगभग 188 लाख टन यानी 5.3 प्रतिशत अधिक है जो इतिहास में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है। शिवराज सिंह ने इसके लिए अन्नदाताओं को बधाई दी है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2025-26 के तीसरे अग्रिम अनुमान देश के कृषि क्षेत्र की मजबूत प्रगति की तस्वीर पेश करते हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान हितैषी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में सरकार खेती को मजबूत करने और किसानों की खुशहाली बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है और यही वजह है कि कृषि उत्पादन में निरंतर सुधार दर्ज हो रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि फसलवार सारांश के अनुसार कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन है। इसमें चावल 1540.24 लाख टन, गेहूं 1206.57 लाख टन और मक्का 550.93 लाख टन के साथ रिकॉर्ड स्तर पर हैं। श्री अन्न 175.84 लाख टन, तूर 35.92 लाख टन, चना 125.14 लाख टन और मसूर 17.62 लाख टन अनुमानित है। इसी तरह, कुल तिलहन उत्पादन 430.59 लाख टन अनुमानित है। इसमें मूंगफली 130.74 लाख टन के साथ रिकॉर्ड स्तर पर है, सोयाबीन 125.96 लाख टन है और रेपसीड एवं सरसों 137.68 लाख टन के साथ रिकॉर्ड स्तर पर है। गन्ना 5000.63 लाख टन के साथ रिकॉर्ड स्तर पर है जबकि कपास 290.24 लाख गांठें और जूट 91.76 लाख गांठें अनुमानित हैं।
शिवराज सिंह के अनुसार, फसलवार विस्तृत आंकड़ों पर नजर डालें तो चावल का कुल उत्पादन 1540.24 लाख टन अनुमानित है जबकि 2024-25 में यह 1501.84 लाख टन था और इस तरह 38.40 लाख टन की वृद्धि दर्ज की गई है। गेहूं का उत्पादन 1206.57 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 1179.45 लाख टन की तुलना में 27.12 लाख टन अधिक है। श्री अन्न का उत्पादन 175.84 लाख टन अनुमानित है। मक्का का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 550.93 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 434.09 लाख टन उत्पादन की तुलना में 116.84 लाख टन अधिक है। पोषक एवं मोटे अनाजों के उत्पादन में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और इनका कुल उत्पादन 744.72 लाख टन अनुमानित है।
श्री शिवराज सिंह ने बताया कि दलहन फसलों में तूर का उत्पादन 35.92 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 36.24 लाख टन के लगभग बराबर है। चने का उत्पादन 125.14 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 111.14 लाख टन की तुलना में 14.00 लाख टन अधिक है। मसूर का उत्पादन 17.62 लाख टन अनुमानित किया गया है।
उन्होंने बताया कि तिलहन फसलों में कुल तिलहन उत्पादन 430.59 लाख टन अनुमानित है। मूंगफली उत्पादन 130.74 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 119.42 लाख टन की तुलना में 11.32 लाख टन अधिक है। सोयाबीन का उत्पादन 125.96 लाख टन अनुमानित है। रेपसीड और सरसों का उत्पादन 137.68 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 126.67 लाख टन की तुलना में 11.01 लाख टन अधिक है।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वाणिज्यिक फसलों में गन्ने का उत्पादन 5000.63 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 4546.11 लाख टन की तुलना में 454.52 लाख टन अधिक है। कपास का उत्पादन 290.24 लाख गांठें अनुमानित है (प्रत्येक गांठ 170 किलोग्राम की)। जूट का उत्पादन 91.76 लाख गांठें अनुमानित है (प्रत्येक गांठ 180 किलोग्राम की)।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस प्रकार तीसरे अग्रिम अनुमान स्पष्ट रूप से बताते हैं कि देश में खाद्यान्न, प्रमुख अनाज, तिलहन और वाणिज्यिक फसलों के उत्पादन की स्थिति मजबूत बनी हुई है और कई फसलों में रिकॉर्ड स्तर का अनुमान सामने आया है। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि मुख्य फसलों के अनुमानित अधिक उत्पादन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और उसके संस्थानों द्वारा किए गए कृषि अनुसंधान की भी अहम भूमिका है। इन कोशिशों में क्लाइमेट-रेज़िलिएंट किस्में, बारिश पर आधारित प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी और शोध की जानकारी को खेतों तक पहुंचाना शामिल है। पिछले साल चलाए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत देशभर में खेती को और मजबूत किया गया तथा सीधे वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को क्लाइमेट-रेज़िलिएंट टेक्नोलॉजी, बेहतर फसल उत्पादन के तरीके, बारिश आधारित खेती के तरीके और साइंटिफिक सलाह देकर कृषि का समग्र विकास किया गया है।
वर्ष 2025–26 में आईसीआर ने देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए 339 फसल किस्में जारी कीं, जिनमें अनाज, तिलहन, दलहन, वाणिज्यिक फसलें तथा चारा फसलें शामिल हैं। वर्ष 2024–25 में ब्रीडर बीज उत्पादन 109,370.2 क्विंटल तक पहुंचा जबकि गुणवत्ता युक्त बीज उत्पादन 433,114.7 क्विंटल रहा। मृदा एवं जल संसाधन प्रबंधन, जलवायु-स्मार्ट कृषि, डिजिटल मृदा बुद्धिमत्ता तथा सतत कृषि प्रौद्योगिकियों में एकीकृत नवाचारों ने प्रमुख कृषि फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

