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दिल्लीराज्य

आईओएस सागर पोत थाईलैंड के फुकेट पहुंचा

हिंद महासागर पोत (आईओएस) सागर 14 अप्रैल 2026 को मालदीव के माले से छह दिवसीय पारगमन पूरा करने के बाद थाईलैंड के फुकेट पहुंच गया है। यह उसके वर्तमान में जारी मिशन का दूसरा पड़ाव है।

16 मित्र देशों (एफएफसी) के बहुराष्ट्रीय दल से युक्त आईओएस सागर-आईएनएस सुनयना हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात है और महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) की परिकल्पना को सुदृढ़ कर रहा है। मार्च 2026 में शुरू हुआ आईओएस सागर का वर्तमान संस्करण हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) के अध्यक्ष के रूप में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को भी दर्शाता है।

फुकेट में अपने पड़ाव के दौरान, आईओएस सागर रॉयल थाई नौसेना (आरटीएन) के साथ पेशेवर वार्ता में शामिल होगा। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना और आपसी समझ को बढ़ाना है। सौहार्द और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के लिए कई सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों की भी योजना बनाई गई है।

जहाज का यहाँ रुकना थाई नव वर्ष, सोंगक्रान उत्सव के अवसर पर हो रहा है, जिससे भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने का अवसर मिलता है।

माले से पारगमन के दौरान, अंतर्राष्ट्रीय दल ने समुद्र में संरचित प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें नाविक कौशल अभ्यास और परिचालन अभ्यास शामिल थे। इनका उद्देश्य सामूहिक तत्परता, अंतरसंचालन और समुद्री सहयोग को बढ़ाना था। यह तैनाती समुद्री साझेदारी को मजबूत करने और क्षमता विकास के प्रति भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता में योगदान मिलता है।

माननीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने 2 अप्रैल 2026 को मुंबई से आईओएस सागर को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मिशन के अंतर्गत, भारतीय नौसेना के दल के साथ 16 मित्र देशों के 38 कर्मी आईओएस सागर पर सवार होकर माले, फुकेत, ​​जकार्ता, सिंगापुर, यंगून, चटगांव और कोलंबो बंदरगाहों का दौरा करेंगे।

यह पहल ‘एक महासागर, एक मिशन’ की परिकल्पना को मूर्त रूप देती है, जो समुद्री साझेदारों के बीच मज़बूत जुड़ाव और सहयोग को बढ़ावा देती है।

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