दिल्लीराज्य

डीआरआई ने 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त कीं

दिल्ली। पूर्वोत्तर सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने असम और मिजोरम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए दो अभियानों में 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त कीं। इस मामले में दो लोगों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है।

56 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन जब्त

25 अगस्त 2026 को, खुफिया जानकारी पर आधारित एक नए अभियान में, डीआरआई अधिकारियों ने सिलचर के असम राइफल्स की 38वीं बटालियन के जवानों की मदद से, सिलचर से करीब 40 किलोमीटर दूर लालपानी में असम-मणिपुर सीमा के पास एक संदिग्ध 12-पहिया ट्रक को रोका। ट्रक की पहचान मणिपुर के जिरिबाम से आ रहे वाहनों के एक बड़े काफिले में से की गई थी।

ट्रक की गहन जांच करने पर चालक की सीट के पीछे चालक के केबिन में विशेष तरीके से तैयार की गई एक गुप्त गुहा का पता चला, जिसमें 1 किलोग्राम वजन के 36 ईंट के आकार के पैकेट और 200 ग्राम वजन के 100 छोटे पैकेट मिले, जिनमें गुलाबी-नारंगी रंग की गोलियां थीं, जिनमें मेथम्फेटामाइन होने का संदेह था।

फील्ड डिटेक्शन किट का इस्तेमाल कर नमूनों के प्रारंभिक परीक्षण से एम्फेटेमिन की उपस्थिति का संकेत मिला। बरामद 56 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ और ट्रक को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत जब्त कर लिया गया। वाहन में सवार शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

इससे पहले, 18 अगस्त 2026 को, मिजोरम में आइजोल-चम्फाई रोड पर एक अन्य खुफिया-आधारित अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने आइजोल से लगभग 30 किलोमीटर दूर बंग बंगला में एक कार को रोका। वाहन की गहन तलाशी के चलते, 20 किलोग्राम गुलाबी-नारंगी रंग की गोलियों से भरे 64 अलग-अलग आकार के पैकेट बरामद हुए, जिन पर मेथम्फेटामाइन होने का संदेह था। ये गोलियां वाहन के दोनों किनारों पर रॉकर पैनल/ साइड सिल में विशेष रूप से तैयार किए गए गहरे गड्ढों में और ईंधन टैंक और कार के फर्श के बीच की जगह में छिपाई गई थीं।

ऑपरेशन में 20 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन जब्त किया गया

एनडीपीएस फील्ड टेस्ट किट से किए गए परीक्षणों में एम्फेटेमिन की मौजूदगी पाई गई। शुरुआती जांच से पता चला कि ड्रग्स की तस्करी म्यांमार से जोखावथर-चम्फाई सेक्टर के रास्ते मिजोरम में की गई थी। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत 20 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ और उसके परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त कर लिया गया। वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

मेथम्फेटामाइन एक शक्तिशाली कृत्रिम मनोउत्तेजक पदार्थ है, जिसके गलत इस्तेमाल और लत लगने की प्रबल संभावना होती है। इसका अवैध सेवन गंभीर शारीरिक और मनोवैज्ञानिक परिणाम पैदा कर सकता है, जिनमें हृदय संबंधी जटिलताएं, बेचैनी, व्यामोह और मनोविकार शामिल हैं। लंबे समय तक इसके सेवन से गंभीर लत और तंत्रिका संबंधी एवं व्यवहारिक विकार हो सकते हैं। मेथम्फेटामाइन को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत मनोरोगी पदार्थ के रूप में अधिसूचित किया गया है, और इसके अवैध निर्माण, कब्जे, परिवहन और तस्करी के लिए कठोर दंड का प्रावधान है।

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