
एक ही छत के नीचे शासकीय कर्मियों को इलाज मिलना सुशासन का नया मॉडल: सचिव राहुल भगत
धरातल पर नवाचार के कार्य समाज के लिए मील का पत्थर होगा साबित: प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी
प्रोजेक्ट छांव के तहत साढ़े छह हजार से अधिक शासकीय सेवकों को मिला लाभ: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह
एक हजार से अधिक शासकीय सेवकों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण
रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रोजेक्ट छांव शासकीय अधिकारियांे एवं कर्मचारियों के सेहत के लिए वरदान साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू प्रोजेक्ट छांव से शासकीय सेवकों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर निःशुल्क दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही है। इंडोर स्टेडियम में रविवार को आयोजित प्रोजेक्ट छांव में शामिल मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत ने कहा कि रायपुर जिले के नवाचार प्रोजेक्ट छांव का शासकीय कर्मियों को लाभ मिल रहा है। एक ही छत के नीचे शासकीय कर्मियों को इलाज मिलना सुशासन का नया मॉडल तैयार हुआ है। श्री भगत ने कहा कि मेमोग्राफी का लाभ भी महिला कर्मचारियों को मिल रहा है। सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा यहां मिल रही है, यह सबसे अच्छी बात है। श्री भगत ने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट को भविष्य में अन्य जिलों में शुरू किया जा सकेगा, ताकि कर्मियों को अधिक से अधिक लाभ दिलाया जा सके और उनके परिवारजनों को भी स्वास्थ्य परीक्षण भी समय-समय पर मिलता रहें। साथ ही श्री भगत ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाई जा रहे नवाचार प्रोजेक्टों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रायपुर जिले के नवाचार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में इन प्रोजेक्टों को शुरू करने पर मंथन किया जाएगा।
इस दौरान प्रोजेक्ट नैनो के अंतर्गत कलेक्टर डॉ सिंह ने सचिव श्री भगत को जिले में नैनो उर्वरकों के उपयोग एवं ड्रोन से छिड़काव की जानकारी दी, जिसकी उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास कृषकों को आधुनिक खेती के साथ जोड़ेगा
इस अवसर पर समाचार पत्र के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि सुशासन का दावा करना बड़े जोमिखपूर्ण है। ऐसे में सुशासन की दिशा में प्रोजेक्ट छांव जैसे नवाचार के कार्य जन साधारण के लिए परस्पर मिलकर काम करता है। इससे ही सुशासन का संकल्प पूरा होता है। श्री द्विवेदी ने कहा कि रायपुर में नवाचार के कार्य जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं, वे केवल सुर्खियों के लिए नहीं है, बल्कि यह धरातल पर कार्य होने से समाज के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सुशासन का यह अध्याय बीजापुर से लेकर बलरामपुर तक पहुंचेगी तो सबसे बेहतर कार्य होगा।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन कर्मचारियों के लिए प्रतिबद्ध है और हमेशा से हमारी कोशिश है कि कर्मचारी स्वस्थ रहे। डॉ. सिंह ने कहा कि अब तक साढ़े छह हजार से अधिक कर्मियों को योजना का लाभ मिल चुका है। इसमें डॉक्टरों के विशेषज्ञ भी उपस्थित हो रहे हैं और यहां आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड जैसे अन्य सुविधाएं भी मिल रही है।
बीपी, शुगर और ब्लड का हुआ जांच, मिली दवाईयां
प्रोजेक्ट छांव में शामिल आरंग ब्लॉक कर्मचारी श्रीमती नंदनी चंद्राकर ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रोजेक्ट छांव के तहत मुफ्त जाँच एवं दवाई की व्यवस्था की गई है। मैंने अपना बीपी, शुगर, ब्लड टेस्ट आदि का जाँच कराया। इस प्रोजेक्ट छांव के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करती हूं।
नवाचार के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का जताया आभार
गुढ़ियारी निवासी आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती सुशीला निर्मलकर ने बताया कि यहां पर सभी प्रकार के इलाज हो रहे हैं, जिसमें सोनोग्राफी, ब्लड टेस्ट, मैमोग्राफी, शुगर, बीपी सहित अन्य जांच शामिल है। मैंने सभी जांच का लाभ लिया। मैं इस प्रोजेक्ट छांव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करती हूं।
जानिए क्या है प्रोजेक्ट छाँव
शासकीय अधिकारी-कर्मचारी अपने व्यस्त कार्यालयीन जीवन के कारण वे और उनके परिवार स्वास्थ्य जांच और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते है। ’प्रोजेक्ट छाँव’ का उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर एक ही छत के नीचे विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और शासकीय योजनाओं की सुलभ और समेकित सुविधा प्रदान की जा रही है। ’प्रोजेक्ट छाँव’ के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए विशेष दिवस निर्धारित किया जाता है। इन शिविरों में बीपी, शुगर, वजन, ऊँचाई जैसी प्रारंभिक स्वास्थ्य जाँच, सोनोग्राफी, मैमोग्राफी, टीबी जांच, ईसीजी, इको, बोन डेनसिटी की भी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही जनरल फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य जागरूकता के अंतर्गत पोषण, जीवनशैली और रोग-निरोधक उपायों से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं का पंजीयन और आवेदन की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है। शिविर में जरूरतमंदों को आवश्यक सामान्य दवाएँ भी निःशुल्क वितरित की जाती हैं, जिससे यह पहल एक समग्र, सुलभ और उपयोगी सेवा मंच के रूप में कार्य करती है। आज महिला एवं बाल विकास विभाग के 1000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी एवं परिवारजनों ने अपना स्वास्थ्य जांच कराया एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लिया।