पोलैंड ने सुरक्षा चिंताओं के बीच इराक से अपने सैनिकों को वापस बुलाया

मध्य पूर्व में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच पोलैंड ने इराक से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है। रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक कामिश ने इसकी घोषणा की। यह निर्णय परिचालन स्थितियों और संभावित जोखिमों के आकलन के बाद लिया गया। कोसिनियाक कामिश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। शिन्हुआ के अनुसार, पोलिश प्रेस एजेंसी के हवाले से इराक में अधिकतम 350 पोलिश सैनिक तैनात थे। इस दल को जॉर्डन, कतर और कुवैत में भी संचालन की अनुमति थी।
कोसिनियाक कामिश ने आगे बताया कि अधिकांश कर्मी पहले ही पोलैंड लौट चुके हैं या वापस आने के रास्ते में हैं जबकि कुछ को अपना मिशन जारी रखने के लिए जॉर्डन स्थानांतरित किया गया है। इस बीच, इराक में नाटो मिशन ने भी सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने कर्मियों की अस्थायी वापसी शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ सुरक्षा स्रोत ने शुक्रवार को इराकी न्यूज़ एजेंसी (आईएनए) को यह जानकारी दी।
सूत्र ने इस कदम को जारी संघर्ष और मिशन सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के कारण उठाया गया अस्थायी उपाय बताया। आईएनए के अनुसार युद्ध समाप्त होने और इराक में सुरक्षा स्थिति स्थिर होने पर वे वापस लौट आएंगे। गैर-लड़ाकू सलाहकार नाटो मिशन इराक 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर स्थापित किया गया था, ताकि उसके सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत किया जा सके।
यह अस्थायी वापसी 28 फरवरी को तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हुई, जिसमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता सहित वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों तथा संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें शुरू कीं।


