
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल का यांत्रिक (कैरेज एवं वैगन) विभाग मालगाड़ियों के अनुरक्षण, तकनीकी नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करते हुए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। विभाग द्वारा किए गए इन प्रयासों से रेल परिचालन की सुरक्षा एवं दक्षता में वृद्धि होने के साथ-साथ रेलवे के राजस्व में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मुख्यालय द्वारा निर्धारित 1200 वैगनों प्रति माह के लक्ष्य के विरुद्ध रायपुर मंडल ने 1255 वैगनों का रिपेयर ओवरहॉल (ROH) प्रति माह पूरा कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में मंडल में 401 सीसी रेक तथा 102 ईयूआर रेक का अनुरक्षण किया जा रहा है। एक्सवाईडी/भिलाई (ExYd/BIA) भारतीय रेल का एकमात्र डिपो है जहाँ ईयूआर रेक का केंद्रीकृत अनुरक्षण किया जाता है। इसी अवधि में विभाग द्वारा 10,607 मालगाड़ियों का परीक्षण (सीसी, इंटेंसिव, री-वैलिडेशन एवं पीईई) सफलतापूर्वक किया गया, जिससे मालगाड़ियों के सुरक्षित एवं निर्बाध परिचालन को सुनिश्चित किया गया।
तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में भानुप्रतापपुर गुड्स शेड में नए इलेक्ट्रॉनिक इन-मोशन वे-ब्रिज (EIMWB) का शुभारंभ 12.05.2026 को किया गया।
यह रायपुर मंडल का पहला ऐसा इलेक्ट्रॉनिक इन-मोशन वे-ब्रिज है जिसमें व्हील-वाइज लोड मापन की सुविधा उपलब्ध है।
रेल संरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से रायपुर मंडल के हाथबंद, भाटापारा, भिलाई नगर परसदा गेट, निपानिया, सी-कैबिन एवं डी-कैबिन सहित कुल 18 हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर (HABD) सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। ये अत्याधुनिक उपकरण चलती मालगाड़ियों के एक्सल बॉक्स के अत्यधिक गर्म होने की स्थिति का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाकर संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं।
विभाग की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया। 70वें विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार एवं रेल सेवा पुरस्कार एफिशिएंसी शील्ड समारोह में रायपुर मंडल के यांत्रिक विभाग को ‘मेजर शील्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही आरओएच डिपो पीपीयार्ड-भिलाई को सर्वश्रेष्ठ मेजर डिपो तथा कोचिंग डिपो दुर्ग को सर्वश्रेष्ठ मीडियम डिपो का पुरस्कार प्रदान किया गया।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी विभाग ने सराहनीय कार्य किया है। पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन (EnHM) के अंतर्गत नियमित रूप से वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियों का संचालन किया गया। साथ ही अन्य विभागों द्वारा आयोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई।
अभिनव तकनीकी नवाचार
स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देते हुए विभाग ने बीओबीआरएन वैगनों के दरवाजों की मरम्मत हेतु *इन-हाउस स्क्रू जैक* विकसित किया है, जिसका उपयोग आरओएच एवं सिक लाइन में बीओबीआरएन वैगनों के दरवाजों की मरम्मत हेतु मरम्मत कार्यों में किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, *कोचिंग डिपो दुर्ग में एलएचबी एयर स्प्रिंग कोचों के फिबा (FIBA) डिवाइस* परीक्षण मॉडल का भी सफलतापूर्वक विकास किया गया है। यह मॉडल मरम्मत के बाद उपकरणों की प्रभावी जांच एवं कर्मचारियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
फ़ेल्युर इंडिकेशन ब्रेक एप्लीकेशन (FIBA) डिवाइस, जो कि आधुनिक एलएचबी कोचों में लगाया जाता है, एक अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है । इसका मुख्य उद्देश्य ब्रेक सिस्टम में किसी भी असामान्यता की सूचना देना होता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके । इस डिवाइस का सटीक और प्रभावी परीक्षण आवश्यक है, किंतु अब तक इसका परीक्षण एक श्रमसाध्य और समय लेने वाली प्रक्रिया रही है । किसी भी डिफेक्टिव या ओवरहॉल किए गए FIBA डिवाइस का परीक्षण करने के लिए कोच से इसे खोलना पड़ता है, जिसमें लगभग 1 से 2 घंटे का समय लगता है और 2 से 3 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है । इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोचिंग डिपो, दुर्ग द्वारा “FIBA डिवाइस टेस्टिंग गैजेट” का इन-हाउस निर्माण किया गया है । यह अभिनव गैजेट अप्रयुक्त व रिलीज्ड सामग्रियों का उपयोग करके तैयार किया गया है । इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह गैजेट पूरी तरह से पोर्टेबल है और इसे पिट लाइन, आईओएच शेड, सिक लाइन, ओईएम लाइन जैसे किसी भी स्थान पर वायवीय आपूर्ति (न्यूमैटिक सप्लाई) के साथ आसानी से उपयोग में लाया जा सकता है । इसकी मदद से मात्र एक कर्मचारी भी FIBA डिवाइस का परीक्षण सुगमता से कर सकता है ।
यात्री सुविधाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए विभाग ने रेल मदद पोर्टल पर प्राप्त यात्री सुविधा संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों की संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
रायपुर रेल मंडल का यांत्रिक (कैरेज एवं वैगन) विभाग रेल सुरक्षा, उच्च गुणवत्ता वाले अनुरक्षण, तकनीकी नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा यात्री सेवा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए भारतीय रेल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।


