
देशभर में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं कार्मिकों के व्यापक अभिमुखीकरण के उद्देश्य से आयोजित जिला स्तरीय पंच सम्मेलन अभियान को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों, उनकी भूमिकाओं एवं उत्तरदायित्वों से अवगत कराने के लिए पंच सम्मेलन आयोजित करने का अनुरोध किया गया था।

देशभर में अब तक 1,338 पंच सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। यह संख्या विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इन सम्मेलनों के माध्यम से अब तक लगभग 5.26 लाख पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों/कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। व्यापक जनभागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायतों की भूमिका, सहभागी योजना निर्माण, ग्रामीण विकास तथा स्थानीय शासन को लेकर जनप्रतिनिधियों में जागरूकता और उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
अब तक 23 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने निर्धारित पंच सम्मेलन पूर्ण कर लिए हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव, जम्मू एवं कश्मीर तथा पुडुचेरी शामिल हैं। इन राज्यों द्वारा समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।
कई राज्यों ने नवाचारपूर्ण और बहु-स्तरीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इन सम्मेलनों को और अधिक व्यापक बनाया है। गुजरात, जम्मू एवं कश्मीर तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने जिला स्तर के अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक स्तरों पर भी सम्मेलन आयोजित कर अधिकाधिक पंचायतराज पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंच सुनिश्चित की है।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करता है तथा उन्हें योजना निर्माण, कार्यान्वयन, निगरानी, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां प्रदान करता है। पंच सम्मेलन जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP), ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड, परिसंपत्ति निर्माण, अभिसरण, सामाजिक अंकेक्षण तथा शिकायत निवारण व्यवस्था से परिचित कराने का एक प्रभावी मंच बनकर उभरे हैं।
समग्र रूप से पंच सम्मेलन अभियान देशभर में अत्यंत सकारात्मक प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। व्यापक जनभागीदारी और राज्यों की सक्रिय भूमिका के माध्यम से ग्रामीण विकास, सुशासन, सहभागी योजना निर्माण तथा पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार हुआ है।


