
दिल्ली। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) को मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी से संकेत मिला कि महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर जिले के जमनियापानी गांव के पास स्थित एक वन्यजीव अभयारण्य के विशाल क्षेत्र में गांजे की अवैध खेती की जा रही थी। इस खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, डीआरआई और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम 14.10.2026 के दिन महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर जिले के जमनियापानी गांव के पास स्थित वन्यजीव अभयारण्य पहुंची।
टीम ने अभयारण्य के दूरस्थ और घने जंगलों वाले इलाके में पांच भूखंडों पर अवैध गांजे की खेती का पता लगाया, जो कुल 2.87 हेक्टेयर (7.08 एकड़) क्षेत्र में फैला हुआ था। दुर्गम भूभाग, जंगली जानवरों और मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की कमी के चलते यह अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। अधिकारियों ने पूरी सतर्कता और आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रोटावेटर का इस्तेमाल करके गांजे की फसल को नष्ट कर दिया गया। आगे की जांच जारी है।
डीआरआई और सीबीएन पूरे भारत में अवैध खेती को नष्ट करने के ऐसे अभियान जारी रखेंगे और अवैध मादक पदार्थों के व्यापार से निपटने और भविष्य के लिए नशामुक्त और सुरक्षित वातावरण को प्रोत्साहन देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।


