
दिल्ली। स्टार्टअप महाकुंभ के भव्य उद्घाटन के बाद, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल कार्यक्रम के दूसरे दिन मेगा प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए भारत मंडपम लौट आए।
अपने अवलोकन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने स्टार्टअप के काम की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “प्रदर्शनी देखने के बाद मुझे जो आनंद मिला – हमारे युवाओं और महिलाओं ने अपनी दृढ़ता, कड़ी मेहनत, जिज्ञासा, शोध और नवाचार के माध्यम से जो अभिनव काम किया है वह बहुत सुकून देने वाला है।” “आप विश्व स्तरीय गुणवत्ता का काम देख सकते हैं, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रॉनिक्स को शक्ति प्रदान करने वाली तकनीकों का अनुभव कर सकते हैं, युवा स्टार्टअप द्वारा बनाए जा रहे रक्षा उपकरणों को देख सकते हैं और महसूस कर सकते हैं कि कैसे फिनटेक आम नागरिक के लिए सशक्तिकरण का स्रोत बन रहा है…” उन्होंने स्टार्टअप महाकुंभ में अपनी यात्रा को “वास्तव में जीवन भर का अनुभव” बताया।
स्टार्टअप महाकुंभ के दूसरे संस्करण में 10 विषयगत मंडप शामिल हैं जिनमें एआई, डीपटेक और साइबरसुरक्षा, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी, कृषि प्रौद्योगिकी, जलवायु प्रौद्योगिकी, इनक्यूबेटर और एक्सेलरेटर, डी2सी, फिनटेक, गेमिंग और स्पोर्ट्स, बी2बी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परिवहन जैसे प्रमुख उद्योग शामिल हैं। श्री पीयूष गोयल ने जलवायु तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी, एआई और डीपटेक तथा अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व नवाचारों को दर्शाने वाली कई प्रदर्शनियों का दौरा किया जिनमें इंटेलिजेंट एयर प्यूरीफायर और ईवी ट्रैक्टर से लेकर कार्यात्मक ब्रेन मैपिंग के लिए एआई-संचालित प्लेटफॉर्म और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए अत्याधुनिक विनिर्माण ड्रोन शामिल हैं।
प्रत्येक मंडप में विशेष रूप से क्यूरेट किए गए स्टार्टअप बूथ/पॉड स्टार्टअप और संगठनों को अपने नवाचारों को प्रमुख हितधारकों- निवेशक, उद्यम पूंजीपति, कॉर्पोरेट और पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर, सरकारी एजेंसियां और अंतर्राष्ट्रीय निवेशक के सामने प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं। स्टार्टअप महाकुंभ में 3,000 से अधिक स्टार्टअप, 1,000 से अधिक निवेशक और इनक्यूबेटर और 50 से अधिक देशों के 10,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हैं। यह स्टार्टअप के लिए अपने व्यवसायों को पेश करने, निवेशकों से संबंध बनाने और महत्वपूर्ण वित्त पोषण का एक प्रमुख अवसर है।
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारत नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरेगा। “यह आधार है – नींव – जिस पर, मुझे विश्वास है भारत नवाचार की दुनिया में बहुत बड़े पैमाने पर कदम रखेगा। हम विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। मैं हमारे नए स्टार्टअप के कार्यों से बहुत संतुष्ट हूँ। युवा भारत आगे बढ़ने के लिए उत्सुक है और दुनिया को जीतने के लिए तैयार है।
भारत की फिनटेक यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण इंडिया फिनटेक फाउंडेशन के शुभारंभ के साथ देखा गया। जिसमें श्री अमिताभ कांत, श्री संजीव सिंह, संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी और श्री एनएस विश्वनाथन, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व डिप्टी गवर्नर भी शामिल थे। यह पहल भारत में एक स्थायी, अभिनव और स्व-विनियमित फिनटेक व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव अमरदीप भाटिया ने भी आज स्टार्टअप महाकुंभ में विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप्स से बातचीत की। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एससीओ पैवेलियन में प्रदर्शित स्टार्टअप्स का भी दौरा किया।
उद्घाटन संस्करण की सफलता के आधार पर जिसमें 1,300 से अधिक प्रदर्शक शामिल थे और 48,000 से अधिक आगंतुक आए, स्टार्टअप महाकुंभ 2025 भारत के सबसे बड़े नवाचार और उद्यमिता कार्यक्रमों में से एक है और स्टार्टअप, निवेशकों और उद्योग जगत के नेताओं के लिए और भी बड़ा और अधिक प्रभावशाली मंच प्रदान करता है। इस कार्यक्रम में दो दिनों में 107823 लोगों के आगमन के साथ उल्लेखनीय उपस्थिति देखी गई।