छत्तीसगढ़राज्य

छत्तीसगढ़ में बदल रहा है बस्तर, भय से भरोसे की ओर: साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले में एक साथ 50 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबलों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 के सकारात्मक परिणाम अब ज़मीन पर स्पष्ट दिखने लगे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कुचक्र में फंसे लोग अब बंदूक छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, यह परिवर्तन स्वागतयोग्य है। हमारी सरकार हर उस व्यक्ति के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है, जो लाल आतंक छोड़ शांति का रास्ता चुनता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी दोहराया कि यह सफलता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के 2026 तक वामपंथी उग्रवाद के समूल उन्मूलन के संकल्प का ही परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर अंचलों में सड़कों का निर्माण, स्कूलों और अस्पतालों की स्थापना ने बस्तर क्षेत्र में सरकार के प्रति विश्वास और उम्मीद की लौ जगाई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, यह भरोसे की वापसी है। जो कल भय का प्रतीक थे, वे आज भविष्य की उम्मीद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और नवचेतना के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद का खात्मा तय है। इसके तहत डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में अब तक 2200 से ज्यादा नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है और आत्मसमर्पण किया है, साथ ही अब तक 350 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग के सुदूर अंचलों में हमारी सरकार द्वारा लगातार नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने, नियद नेल्ला नार योजना से सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। हमारी सरकार, लाल आतंक का दामन छोड़ शांति के रास्ते पर लौटने वाले इन लोगों के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है।

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