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टीम इंडिया ने ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया में 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित 5 पदक जीते

टीम इंडिया ने ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया 2026 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 5 पदक जीते हैं जिनमें 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक शामिल हैं। 23 से 29 जून 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, चीन, अमरीका, जापान, फ्रांस, कोरिया और अन्य 16 वर्ल्डस्किल्स सदस्य देशों के लगभग 600 प्रतियोगी, विशेषज्ञ, अनुवादक और अधिकारियों ने भाग लिया। टीम इंडिया का प्रदर्शन इस वर्ष के अंत में शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत की मजबूत तैयारी दर्शाता है।

टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी:

  • पवन भद्रावती सुरेश (कर्नाटक): एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग में स्वर्ण पदक
    • (इस संवर्ग में जापान को रजत पदक मिला)
  • मौसम कुमार गिरि (बिहार): क्लाउड कंप्यूटिंग में स्वर्ण पदक
    • (इस संवर्ग में जापान को रजत पदकसिंगापुर को कांस्य पदक मिला)
  • विष्णुप्रिया सुनील (दिल्ली): स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल में स्वर्ण पदक
    • (इस संवर्ग में ऑस्ट्रेलिया को रजत पदक मिला)
  • हर्ष रमेश पवार (महाराष्ट्र): 3डी डिजिटल गेम आर्ट में रजत पदक प्राप्त हुआ
  • मुस्कान (हरियाणा): चित्रकला और साज-सज्जा में कांस्य पदक मिला

भारतीय टीम की ये उपलब्धियां उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रचनात्मक उद्योगों और सेवा क्षेत्र में भारत के कौशलयुक्त युवाओं की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रेखांकित करती हैं।

भारतीय प्रतियोगियों ने अन्य कई श्रेणियों में अच्छा प्रदर्शन किया। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ ही दुनिया के कुछ बेहतरीन युवा कुशल पेशेवरों की तुलना अपने आकलन का अवसर मिला।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने टीम इंडिया को उसकी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 में टीम इंडिया द्वारा हासिल 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है और यह हमारे कौशल प्रवीण चैंपियनों, विशेषज्ञों, सलाहकारों और उद्योग भागीदारों की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और कड़े परिश्रम का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भारतीय प्रतियोगी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने के अलावा, वैश्विक मानकों से परिचित हुए जिससे शंघाई में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए हमारी तैयारी मजबूत हुई। श्री चौधरी ने टीम इंडिया के प्रत्येक सदस्य को भारत की उत्कृष्टता प्रदर्शित करने और कुशल युवाओं की नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए बधाई दी।

भारतीय दल ने 15 प्रतियोगियों और 15 विशेषज्ञों सहित 30 सदस्यीय उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी, निर्माण व्यवसाय, रचनात्मक उद्योग और सेवा क्षेत्र कौशल सहित 15 कौशल श्रेणियों में देश का प्रतिनिधित्व किया। वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के पूर्ण अनुकरण के रूप में डिज़ाइन ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ने टीम इंडिया को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता मानकों, मूल्यांकन प्रणालियों और वास्तविक परिस्थितियों में विश्व के बेहतरीन युवा कुशल पेशेवरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान किया। इस बहुमूल्य वैश्विक अनुभव से उनकी तकनीकी तैयारी मजबूत हुई और इस वर्ष के अंत में शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत की तैयारियों को धार मिली।

प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता सूचना प्रणाली द्वारा किया गया, जो वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिताओं में उपयोग होने वाले मूल्यांकन ढांचे के समान रही। इस आयोजन से भारतीय प्रतियोगियों को प्रतियोगिता के दबाव का सामना करने, अंतरराष्ट्रीय उपकरणों के अनुकूल ढलने और वैश्विक गुणवत्ता एवं प्रदर्शन मानकों को पूरा करने का व्यावहारिक अनुभव मिला।

भारतीय टीम ने 3डी डिजिटल गेम आर्ट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्यूटी थेरेपी, ब्रिकलेइंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, फ्लोरिस्ट्री, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी, हेयरड्रेसिंग, हेल्थ एंड सोशल केयर, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग, रेस्टोरेंट सर्विस, वॉल एंड फ्लोर टाइलिंग और वेब टेक्नोलॉजीज की कौशल श्रेणियों में भाग लिया।

ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 ऑस्ट्रेलिया जैसी कौशल प्रतियोगिता में कामयाबी युवा भारतीयों के कौशल को आकांक्षी बनाने में शक्तिशाली भूमिका निभाती है। यह दर्शाती है कि व्यापार, प्रौद्योगिकी, डिजाइन और सेवा-क्षेत्र कौशल में उत्कृष्टता- राष्ट्रीय मान्यता के साथ ही वैश्विक अनुभव और भविष्य के स्थायी पेशे के मार्ग खोल सकती है।

ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में भारत की भागीदारी स्किल इंडिया मिशन के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भविष्योन्मुखी कार्यबल विकसित करना और भारतीय युवाओं को विश्व के सर्वश्रेष्ठ कुशल पेशेवरों में शामिल कराना है।  भारत अपने प्रशिक्षण अवसंरचना, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, उद्योग साझेदारी और अंतर्राष्ट्रीय अनुभव द्वारा, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत कर रहा है।

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