Google Analytics
छत्तीसगढ़राज्य

वन्य प्राणी शिकार की कोशिश हुआ नाकाम, एंटी पॉचिंग टीम ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

विद्युत करंटयुक्त तार का जाल बिछाकर वन्यप्राणियों का शिकार करना एक गंभीर और अवैध गतिविधि है, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है। शिकारी अक्सर जंगली सूअर, हिरण, सांभर और बाघ जैसे जानवरों को निशाना बनाने के लिए जंगलों में 11 केवी की बिजली लाइनों से सीधे तार जोड़कर जाल बिछाते हैं।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के अकलतरा परिसर (कक्ष क्रमांक 120) में छापेमारी की गई। 11 केवी विद्युत लाईन में हुकिंग कर विद्युत करंटयुक्त तार का जाल बिछाकर वन्यप्राणियों के शिकार की कोशिश को वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए नाकाम किया गया। एंटी पॉचिंग टीम ने मौक़े से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शिकारी अक्सर खेतों या जंगलों के किनारे, जहाँ जानवरों का आवागमन अधिक होता है, वहां नंगे तार फैला देते हैं। इस तरह के अवैध शिकार से न केवल छोटे जानवर बल्कि जंगली सूअर, हिरण, सांभर ही नहीं बल्कि  बाघ जैसे बड़े और दुर्लभ जीव भी जान गंवा रहे हैं।

वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर के निर्देश पर मुखबीर की सूचना के आधार पर  24 मार्च 2026 की रात्रि वन विभाग की एंटी पॉचिंग टीम  के द्वारा अकलतरा परिसर (कक्ष क्रमांक 120) में छापेमारी की गई। इस दौरान ग्राम अकलतरा निवासी दयाराम एवं छबिलाल को पकड़ा गया। जांच के दौरान पाया गया कि आरोपियों द्वारा 11 केवी लाइन से हुकिंग कर करंट तार बिछाकर वन्यजीव के शिकार की तैयारी की गई थी। मौके से कत्तल, छूरी एवं अन्य सामग्री भी बरामद की गई। मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित) के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने बताया कि वन विभाग द्वारा लगातार एंटी स्नेयर वॉक, गश्त एवं निगरानी के चलते इस प्रकार की घटनाओं को होने से पहले ही रोका जा रहा है। उन्होंने आमजनों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button