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बिहारराज्य

बिहार में तूफान का कहर, 13 लोगों की मौत

पटना। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी के कारण पूरे बिहार में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था और पूरे क्षेत्र में लगातार गर्म हवाएं चल रही थीं। हालांकि, मौसम में अचानक बदलाव आने से लोगों को राहत मिली है, क्योंकि अब राज्य के कई हिस्सों में मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह बदलाव मानसून से पहले होने वाली मौसम की गतिविधियों के शुरू होने के कारण आया है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण बिहार के ऊपर मौसम में अस्थिरता पैदा हो गई है।

इसके परिणामस्वरूप, कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम का यह हाल 3 मई तक बने रहने की उम्मीद है। तापमान में कुल गिरावट के बावजूद, कैमूर जिला सबसे गर्म क्षेत्र बना रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गया और राजगीर में तापमान क्रमशः 33.2 डिग्री सेल्सियस और 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि ये आंकड़े पहले के उच्च स्तरों से गिरावट दिखाते हैं, फिर भी गर्मी का असर अभी भी महसूस किया जा रहा है।

राज्य की राजधानी पटना में आसमान बादलों से घिरा रहने की संभावना है और हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 33 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

हालांकि, मौसम में आए इस अचानक बदलाव की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। बुधवार रात से गुरुवार तक बिहार में आए भीषण तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, हाजीपुर, छपरा और बेगूसराय सहित कई जिलों में 13 लोगों की जान ले ली। इस घटना में एक दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी खबर है।

तेज़ हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों को उखाड़ दिया, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई और पूरी रात शहर और गांव दोनों ही क्षेत्र प्रभावित रहे। गिरे हुए पेड़ों ने मुख्य सड़कों को बंद कर दिया, जिससे घंटों तक वाहनों की आवाजाही रुक गई। वहीं कई हिस्सों में रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

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