
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की उद्योगिनी योजना (Udyogini Yojana) एक गेम-चेंजर साबित हो रही है। इस योजना के तहत उन महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, लेकिन पूंजी की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बिना किसी गारंटी 3 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाता है।
क्या है उद्योगिनी योजना और इसकी खासियत?
उद्योगिनी योजना का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत महिलाओं को न केवल आर्थिक मदद दी जाती है, बल्कि उन्हें व्यवसाय से जुड़ा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।
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लोन की राशि: नया बिजनेस शुरू करने के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये तक का ऋण।
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जीरो प्रोसेसिंग फीस: लोन लेने पर किसी भी प्रकार का प्रोसेसिंग चार्ज नहीं।
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फ्री ट्रेनिंग: ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कैंटीन मैनेजमेंट समेत 88 तरह के उद्योगों के लिए प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट की सुविधा।
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
सरकार ने इस योजना के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की हैं—
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आयु सीमा: आवेदक महिला की उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय 1.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए (विशेष वर्गों को छूट संभव)।
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क्षेत्र: फिलहाल यह विशेष सब्सिडी प्रारूप मुख्य रूप से कर्नाटक की महिलाओं के लिए लागू है, हालांकि अन्य राज्यों में भी इसी तरह की योजनाएं बैंक स्तर पर चलाई जा रही हैं।

