
नई दिल्ली: ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) पर अतिरिक्त शुल्क और अनुचित फीस वसूलने की बढ़ती शिकायतों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली ऐसी प्रथाओं पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जोशी ने कहा कि इस तरह की फीस वसूली को “डार्क पैटर्न” माना जा सकता है, जो उपभोक्ताओं के साथ शोषण के समान है और निष्पक्ष व्यापार सिद्धांतों के खिलाफ है।
यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूज़र की पोस्ट के जवाब में आया, जिसमें फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा वसूली जा रही ऑफर हैंडलिंग फीस, पेमेंट हैंडलिंग फीस और प्रोटेक्ट प्रॉमिस जैसे शुल्कों का ज़िक्र किया गया था।


