दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र को बनाए रखने और इसे मजबूत करने में पुलिस का बहुमूल्य योगदान : राज्यपाल

भोपाल.राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि अखिल भारतीय पुलिस निशानेबाजी चैंपियनशिप का यह समारोह पुलिस बल की बहादुरी और कौशल का जश्न हैं। इसमें शामिल होना ही अत्यंत गर्व की बात है। राष्ट्र के गौरव पुलिस बल की 18वीं ऑल इंडिया स्पोर्टस निशानेबाजी प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होकर मुझे भी गर्व का अनुभव हुआ है
राज्यपाल श्री पटेल मुख्य अतिथि के रूप में 24 मार्च से आयोजित 18वीं अखिल भारतीय पुलिस निशानेबाजी खेल प्रतियोगिता -2024 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता का आयोजन सीएसडब्ल्यूटी के रेवती रेंज में किया गया। प्रतियोगिता में ओवरआल चैंपियनशिप (महिला) बीएसएफ टीम एवं ओवरआल चैंपियनशिप (पुरुष)- सीआईएसएफ की टीम विजयी रही।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वह प्रतिभागी जो पदक प्राप्त करने से वंचित रह गए है, वे प्रतियोगिता के अनुभवों से सबक लेकर नए उत्साह के साथ नई शुरुआत करें, याद रहे कि जिद के आगे जीत होती है। कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती है। खेल प्रतियोगिताएं केवल एक आयोजन मात्र नहीं होता है। यह ऐसा मंच है, जहां हमारी प्रतिभाएं अपने अभ्यास, कौशल और उत्साह का प्रदर्शन करते हैं। यह ऐसा अवसर होता है, जहां हम अपनी पारस्परिक एकता, सौहार्द और जीवन के उच्च आदर्शों का अनुभव प्राप्त करते हैं। प्रतियोगिता की वास्तविक सौगात यही है जिसका जीवन में अभ्यास आपको और अधिक कुशल और बेहतर इंसान बनाएगा। उन्होने दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र को बनाए रखने और इसे मजबूत करने में हमारी पुलिस का बहुमूल्य योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे देश के पुलिस बलों के योगदान को सारा देश मानता और स्वीकारता है। हमारे देश की विशाल विविधता हमारी गौरवशाली विरासत है, हमारा अभिमान है। इसे सुरक्षित और संरक्षित रखना पुलिस बलों के लिए चुनौतीपूर्ण दायित्व है। समय की जरूरत है कि पुलिस चुस्त-दुरुस्त और आधुनिक बदलावों के साथ कदमताल करते हुए स्मार्ट अर्थात सेंसिटिव, मॉडर्न, अलर्ट, रेस्पॉन्सिव और टेक-रिच हो, जो सामाजिक समावेशन के एजेंट-ऑफ-चेंज के रूप में आगे आकर उस अंतिम व्यक्ति, जो वंचित और सबसे पिछड़ा है, को भी विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में सहयोगी हो। लोगों की सेवा तथा मानव अधिकारों की रक्षा के पुलिस के दायित्वों का पालन उच्च आदर्शों के साथ करें। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि प्रतियोगिता का अनुभव प्रतिभागियों को देशभक्ति और जन सेवा के संकल्प के लिए और अधिक समर्थ और संवेदनशील बनाएगा उनके राष्ट्र और जन सेवा के संकल्प को और भी अधिक मजबूत बना कर उन्हे कौशल उन्नयन और दक्षता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रेरित करेगा। उन्होंने देश के पुलिस संगठनों और राज्य पुलिस बल की टीमों के सभी महिला-पुरूष खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए बधाई दी और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में आयोजित प्रतियोगिता में शामिल होने का उनका अनुभव सुखद और सुविधा पूर्ण रहा होगा। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए चैंपियनशिप आयोजन में सहयोगी पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद और साधुवाद दिया और कहा कि आपकी मेहनत और समर्पण ने ही इस चैंपियनशिप को सफल बनाया है।
आईजी बीएसएफ श्री सिंह ने स्वागत भाषण में राज्यपाल को अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद दिया तथा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति ने प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया है तथा पूरे खेल आयोजन और इस संस्थान का महत्व बढ़ाया है। कार्यक्रम के आरंभ में आईजी सीएसडब्ल्यूटी एवं एसटीसी बीएसएफ इंदौर श्री आलोक कुमार सिंह के साथ डीआईजी (टीएंडएस) श्री राजन सूद, डीआईजी (सीआई) श्री वी. टी. कयारकर, कमांडेंट (ट्रेनिंग) सीएसडब्ल्यूटी श्री तीर्थ आचार्य तथा बीएसएफ अधिकारियों ने रेंज में मुख्य अतिथि की अगवानी की तथा उनका स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर बीएसएफ समुदाय की एक छोटी बालिका ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया।
समापन समारोह में बीएसएफ और पुलिस ब्रास बैंड द्वारा बजाए गए लयबद्ध मार्चिंग धुनों पर केंद्रीय पुलिस संगठनों और विभिन्न राज्य पुलिस टीमों के प्रभावशाली मार्च पास्ट और बीएसएफ बोल्ड्स टीम द्वारा एक आकर्षक शस्त्र मार्च और एनटीसीडी (राष्ट्रीय कुत्तों के प्रशिक्षण केंद्र), टेकनपुर के कुत्तों द्वारा सुरक्षा कर्तव्यों का पालन करते हुए विशेष रूप से भारतीय नस्ल के श्वानों की शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया गया। इसके बाद इंदौर के डॉ. जुल्का के ग्रुप हेल्थ सोल्जर ग्रुप के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया