
दिल्ली। पर्यटन मंत्रालय वैश्विक पर्यटन बाजारों में भारत को एक समग्र पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देता है, ताकि देश के विभिन्न पर्यटन उत्पादों और स्थलों का प्रचार किया जा सके। यह प्रचार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय यात्रा व्यापार प्रदर्शनियों, मेलों और आयोजनों में भागीदारी, विदेशी पर्यटन संचालकों, मीडिया और प्रभावशाली व्यक्तियों के लिए परिचयात्मक यात्राओं (एफएएम) का आयोजन, पर्यटन रोड शो और भारतीय खाद्य उत्सवों का आयोजन, स्थानीय पर्यटन संचालकों और अन्य उद्योग हितधारकों के साथ जुड़ाव और सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से प्रचार द्वारा किया जाता है। ये गतिविधियां भारतीय दूतावासों, उद्योग जगत और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों, जिनमें महाराष्ट्र सरकार भी शामिल है, के सहयोग से की जाती हैं।
इसके अलावा, मंत्रालय देश में पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए, अपनी ‘स्वदेश दर्शन (एसडी)’, ‘स्वदेश दर्शन (एसडी2.0)’, ‘चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी)’ (स्वदेश दर्शन 2.0 योजना की एक उप-योजना), ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई)’, ‘तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद)’ जैसी योजनाओं के अंतर्गत संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों के परामर्श से वित्तीय सहायता प्रदान करता है।


