वनडे से संन्यास नहीं ले रहा, अफवाह मत फैलाएं : रोहित शर्मा

दिल्ली। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार को यहां न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर तीसरी बार आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी अपने नाम करने के बाद कहा कि मुकाबले में नतीजा अपने हक में होना शानदार अहसास है। फाइनल में 76 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे रोहित ने मैच के बाद संन्यास की अफवाह फैलाने वाले आलोचकों से कहा, ‘मैं वनडे प्रारूप से संन्यास लेने नहीं जा रहा हूं। कृपया अफवाहें मत फैलाइए।’ वह इस सवाल से हैरान दिखे। उन्होंने कहा, ‘कोई फ्यूचर प्लान नहीं है। जो हो रहा है, वो चलता जाएगा।’
पिछले कुछ समय से पहली गेंद से आक्रामक तेवर अपनाने वाले कप्तान रोहित शर्मा का बल्ला एक बार फिर खूब चला और उस समय जबकि टीम को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। हालांकि, इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर और चैंपियंस ट्रॉफी के शुरुआती मैचों में बल्ला नहीं चलने पर मीडिया रिपोर्ट्स में उनके संन्यास के कयास लगाए जा रहे थे। अब उन्होंने सभी रिपोर्ट्स का खंडन किया है।
‘नतीजा पक्ष में होना सुखद अहसास’
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज में खराब फॉर्म से जूझते रहे रोहित अपने पसंदीदा प्रारूप में फॉर्म में लौटे और उनके 76 रन की बदौलत भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराया। रोहित ने जीत के बाद कहा, ‘नतीजे पक्ष में होना सुखद अहसास है।’ पिछले वनडे विश्व कप से आक्रामक बल्लेबाजी के अपने अंदाज के बारे में पूछने जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं स्वाभाविक रूप से ऐसा नहीं खेलता हूं लेकिन मैं ऐसा कुछ करना चाहता था। जब आप कुछ अलग करते हैं तो टीम और प्रबंधन आपके साथ होते हैं।’
‘द्रविड़ के बाद गंभीर से भी बात की’
उन्होंने कहा, ‘जब आप कुछ अलग कर रहे होते हैं तो आपको टीम और प्रबंधन का समर्थन प्राप्त होना चाहिए। मैंने पहले राहुल (राहुल द्रविड़) भाई से बात की और अब गौती (गौतम गंभीर) भाई से भी। मैं वास्तव में ऐसा करना चाहता था। मैं इन वर्षों में एक अलग शैली में खेला और अब हम इस शैली के साथ परिणाम हासिल कर रहे हैं।’
‘अब हमें नतीजे मिल रहे हैं’
उन्होंने कहा, ‘मैंने राहुल (द्रविड़) भाई और अब गौती (गंभीर) भाई से इस पर बात की। मैं ऐसा वाकई करना चाहता था। इतने साल मैंने अलग अंदाज में खेला है और अब हमें इससे नतीजे मिल रहे हैं।’ अपने हरफनमौलाओं के बारे में उन्होंने कहा, ‘इस गहराई से मुझे खेलने की आजादी मिली और काफी मदद हुई। जडेजा आठवें नंबर पर आ रहा है जिससे खुलकर खेलने का भरोसा मिला।’