
दिल्ली। जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) की बेलगावी जोनल यूनिट ने एक मामला दर्ज कर करीब 145 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी इनवॉइस (फर्जी चालान) जारी करने से जुड़े एक जीएसटी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 43 करोड़ रुपये की कथित कर चोरी हुई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के एक समूह ने जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराए और धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया और आगे बढ़ाया। आरोपी के ठिकाने पर तलाशी के दौरान अधिकारियों को कई दस्तावेज/सबूत मिले, जिनमें मोबाइल फोन, जाली दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड और गैर-कारोबारी इकाइयों के साइनबोर्ड की तस्वीरें शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर बिना असली कारोबार किए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए गए।
आरोपी को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत बेंगलुरु में गिरफ्तार किया गया और आर्थिक अपराधों की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे बेलगावी स्थानांतरित करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मिल गई। इसके बाद आरोपी को बेलगावी की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।