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छत्तीसगढ़राज्य

डॉ. मनसुख मांडविया ने ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ पहल के तहत सांसदों के साथ चलाई साइकिल

दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ पहल के तहत प्रतिष्ठित इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर सांसदों के साथ साइकिल चलाई। इस पहल का अनूठा विषय ‘गर्व से स्वदेशी’ है और इसमें भारत में बने उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का 39वां संस्करण भारतीय रेलवे के सहयोग से देश भर में 8000 स्थानों पर आयोजित किया गया। नई दिल्ली में, ओलिंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने सुबह 7 बजे मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई। इसमें 1500 से ज़्यादा साइकिल चालक और फिटनेस प्रेमी मौजूद थे। ‘संडे ऑन साइकिल’ के इस संस्करण में एक नया जुड़ाव देखने को मिला: ‘गर्व से स्वदेशी’ उत्सव, जिसमें भारतीय स्पोर्ट्सवियर और फिटनेस ब्रांड्स ने प्रतिभागियों के लिए स्वदेशी उत्पादों के साथ अपने स्टॉल लगाए।

इस कार्यक्रम में शामिल सांसदों में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, नवीन जिंदल, पुरुषोत्तम रूपाला, प्रभुभाई वसावा, हेमंग जोशी, सुभाष बराला, भोजराज नाग और रमेश बिधूड़ी आदि शामिल हुए। इस कार्यक्रम में ट्रैक की लंबाई के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्कों में से एक, भारतीय रेलवे को बधाई दी गई। भारतीय रेलवे के 250 से ज़्यादा कर्मचारियों ने इस साइकिलिंग पहल में भाग लिया।

साइकिलिंग रूट पूरा करने के बाद, डॉ. मांडविया ने कहा: “मुझे ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम में हमारे नागरिकों की बढ़ती भागीदारी देखकर खुशी हो रही है। यह जन आंदोलन बन गया है और इसने सक्रिय जीवनशैली अपनाने के बारे में काफ़ी जागरूकता फैलाई है। आज, मैंने सांसदों के साथ ‘गर्व से स्वदेशी’ विषय के अंतर्गत साइकिल चलाई। मैं इस अवसर पर सभी नागरिकों से भारत में निर्मित उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह करता हूँ।”

खेल के सामान पर हाल ही में की गई जीएसटी कटौती पर, डॉ. मांडविया ने कहा, “हम ज़्यादातर खेल के सामान पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं। इससे ये सामान नागरिकों के लिए किफ़ायती हो जाएँगे और उन्हें खेल और फिटनेस गतिविधियों में ज़्यादा सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे। ज़्यादा माँग से भारतीय खेल सामान निर्माण इकाइयों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा और खेल पारिस्थितिकी तंत्र मज़बूत होगा।”

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