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दिल्लीराज्य

379 अटल टिंकरिंग लैब्स में ‘स्कूल-टू-स्टार्टअप’ नवाचार को बढ़ावा देने एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया एकेडमी का शुभारंभ

प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विन के अनुरूप, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने आज तेलंगाना में ‘एटीएल सारथी’ और ‘मेंटर इंडिया एकेडमी’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही, नीति आयोग ने स्कूल स्तर से ही नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। इस पहल के तहत 379 अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) को व्यवस्थित मेंटरशिप और संस्थागत सहायता दी जाएगी। इससे युवा अन्वेषक अपने विचारों को ऐसे समाधानों में बदल सकेंगे, जो भारत के विकास की यात्रा में योगदान देंगे और तेलंगाना को भारत के तेजी से बढ़ते जमीनी स्तर के नवाचार इकोसिस्टम में एक अहम केन्द्र के रूप में स्थापित करेंगे।

इस शुभारंभ कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी शामिल हुए। इस अवसर पर एआईएम और तेलंगाना सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अन्वेषकों को तैयार करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया, एटीएल के प्रभाव को गहरा करने का एक केन्द्रित प्रयास है। यह प्रयास केवल पहुंच तक सीमित न रहकर निरंतर जुड़ाव पर ज़ोर देता है। इस पहल के तहत, एटीएल को क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न समूहों में बांटा जाता है और उन्हें स्थानीय अग्रणी संस्थानों से जोड़ा जाता है ताकि उन्हें लगातार मार्गदर्शन, शिक्षकों का प्रशिक्षण, और इनक्यूबेशन व स्टार्टअप संबंधी सहायता के लिए रास्ते मिल सकें। इस मॉडल के तहत, तेलंगाना के 379 एटीएल को समूहों में संगठित किया जाएगा और हर समूह का नेतृत्व एक ‘नोडल संस्थान’ करेगा। वर्धमान कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग को राज्य के लिए नोडल संस्थान के तौर पर चुना गया है। यह संस्थान तकनीकी शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करके एटीएल स्कूलों को सहायता देगा और स्थानीय नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए, तेलंगाना के माननीय राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा, “एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया एकेडमी की पहल, युवा शिक्षार्थियों और उत्कृष्ट संस्थानों के बीच सार्थक जुड़ाव बनाकर हमारे स्कूलों में नवाचार की नींव को मजबूत करेगी। यह विद्यार्थियों को रचनात्मक रूप से सोचने, वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बनाएगी। ऐसी पहलें एक ऐसी पीढ़ी को गढ़ने में महत्वपूर्ण हैं जो आत्मविश्वास से भरी, सक्षम और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो और एआईएम इसे साकार कर रहा है।”

एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया एकेडमी पहल को विद्यार्थियों को उभरती हुई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव, समस्याओं को सुलझाने के व्यवस्थित तरीके और अपने नवाचारों को बड़े पैमाने पर ले जाने के अवसर देकर सशक्त बनाने हेतु डिजाइन किया गया है। शिक्षकों की क्षमता को मजबूत करके और संस्थागत सहायता प्रदान करके, यह कार्यक्रम स्कूलों के भीतर नवाचार को एक निरंतर और विकसित होने वाली प्रक्रिया के रूप में स्थापित होना सुनिश्चित करता है।

अटल इनोवेशन मिशन के मिशन डायरेक्टर श्री दीपक बागला ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विजन से प्रेरित एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया एकेडमी ऐसे महत्वपूर्ण कदम हैं जो हमने एक ऐसी संस्कृति बनाने की दिशा में उठाए हैं, जहां नवाचार की शुरुआत कम आयु में ही हो जाती है और उसे लगातार निखारा जाता है। हमारा मुख्य उद्देश्य हर युवा अन्वेषक को केवल विचार के बारे में सोचने से आगे बढ़कर, उसे असल में कार्यरूप देकर उसका प्रभाव दिखाने में सक्षम बनाना है। स्कूलों, संस्थानों और नवाचार इकोसिस्टम के बीच सशक्त तालमेल बनाकर, हम प्रतिभाओं की एक ऐसी मजबूत श्रृंखला तैयार कर रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में भारत की प्रगति, प्रतिस्पर्धात्मकता और आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाएगी।”

तेलंगाना में एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया एकेडमी की शुरुआत, एआईएम के उस बड़े राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाएगी जिसका लक्ष्य विद्यार्थियों के लिए दुनिया के सबसे बड़े नवाचार इकोसिस्टम में से एक को स्थापित करना है। इसके तहत देशभर में 10,000 से ज़्यादा एटीएल काम कर रहे हैं। स्थानीय संस्थागत साझेदारियों का लाभ उठाकर और सरकार, शिक्षा जगत तथा उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर, यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि नवाचार को न केवल शुरू किया जाए, बल्कि लगातार पोषित और विस्तारित भी किया जाए।

मजबूत संस्थागत सहयोग और नेतृत्व के साथ, एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया एकेडमी से यह उम्मीद की जाती है कि वे एटीएल से प्राप्त होने नवाचार के परिणामों को बेहतर बनाएंगे, क्षेत्रीय नवाचार हब को बढ़ावा देंगे और युवा अन्वेषकों एवं उद्यमियों की एक ऐसी कतार तैयार करेंगे जो भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में उसकी यात्रा में सार्थक योगदान देंगे।

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