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चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने वाला दूसरा देश बना अमेरिका

(America becomes second country)भारत के चंद्रयान-3 के बाद अब अमेरिका ने चंद्रमा के साउथ पोल को छू लिया है। अमेरिका की प्राइवेट कंपनी इंटुएटिव (Intuitive) मशीन्स ने अपने पहले स्पेसक्राफ्ट (Spacecraft) नोवा-सी लैंडर को चांद की सतह पर उतार दिया है। इसके रॉकेट का नाम ओडिसियस अतरिक्ष यान है। इसके साथ ही इंटुएटिव मशीन्स चांद लैंड करने वाली पहली कर्मशियल कंपनी बन गई है। चांद के साउथ पोल को छूनेवाला अमेरिका दुनिया का दूसरा देश बन गया है।

 

 

सात दिनों तक एक्टिव रहेगा यह मिशन

भारतीय समयानुसार सुबह 4 बजकर 53 मिनट पर स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के साउथ पोल पर लैंड हुआ। इंटुएटिव मशीन्स को यह मिशन अगले सात दिनों तक एक्टिव रहेगा। बता दें कि इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान आयोग के चंद्रयान-3 की 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग हुई थी।(America becomes second country) चंद्रमा की सतह पर पहुंचने वाला भारत चौथा देश और दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करनेवाला पहला देश बन गया था। स्पेश विशेषज्ञों के मुताबिक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचना आमतौर पर कठिन माना जाता है।

 

मिशन का क्या है उद्देश्य

मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के साथ प्लम-सतह इंटरैक्शन,रेडियो खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष मौसम इंटरैक्शन का अध्ययन करना है। नासा के अनुसार, यह सटीक लैंडिंग प्रौद्योगिकियों और संचार और नेविगेशन नोड क्षमताओं का भी प्रदर्शन करेगा।बता दें कि रूस जैसा देश चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड नहीं कर पाया है। पिछले साल प्रयास किया था, जिसमें वह असफल रहा। जबकि भारत ने पिछले साल अगस्त में चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक लैंडिंग की कराई थी।

 

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