
रायपुर।बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बस्तर संभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बुधवार से जारी भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई प्रमुख संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बस्तर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है, जहां उनके भोजन, ठहरने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नगरनार क्षेत्र के नदी बोड़ना में बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को बचाव दल ने नावों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर ग्राम पंचायत भवन में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया। इसी तरह तोकापाल के घाट धनोरा से 25 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया है। ग्राम पलवा और लोहंडीगुड़ा के भेजा क्षेत्र के निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और पंचायत भवनों में स्थानांतरित किया गया है।
9 राहत शिविरों में 350 से अधिक प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय
बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए बस्तर जिले में कुल 9 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ का सर्वाधिक असर जगदलपुर शहर में देखने को मिला है, जहां स्थापित चार राहत शिविरों में 175 लोगों को ठहराया गया है। अकेले शहीद भगत सिंह स्कूल में 100 से अधिक प्रभावितों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है।


