दिल्लीराज्य

समर्पित माल ढुलाई गलियारा तीव्र गति से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर वहां उपस्थित और ऑनलाइन माध्यमों से जुड़े सभी नागरिकों का स्वागत किया। श्री मोदी ने कहा, “मैं गुजरात के अपने भाइयों और बहनों का स्वागत करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के मैदान में शानदार माहौल का उल्लेख करते हुए प्रगति के इस साझा उत्सव के लिए विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों के एक साथ आने की अनूठी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने विकास के ऐसे एकजुटतापूर्ण उत्सव को देखकर अपार प्रसन्नता व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा, “यहां एक साथ सब कुछ हो रहा है।”

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की प्रगति को गति देने के लिए हजारों करोड़ रुपये की अवसंरचना परियोजनाओं को समर्पित करते हुए वडोदरा के नागरिकों की ओर से उनके स्वागत में आयोजित असाधारण स्वच्छता अभियान की सराहना की। उन्होंने विकास के इस उत्सव के दौरान सेवा भाव दिखाने के लिए स्थानीय लोगों को धन्यवाद दिया। श्री मोदी ने कहा, “मैं आप लोगों के बीच आज विकसित भारत की यात्रा को और गति देने आया हूं।”

प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से घोषित ‘सप्तधारा’ प्रस्ताव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए गति शक्ति पहल के माध्यम से तीव्र संपर्क की आवश्यकता पर बल दिया और 2800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल गलियारे का निर्माण पूरा होने के ऐतिहासिक पल को याद किया। उन्होंने वडोदरा को गति शक्ति विश्वविद्यालय का वास्तविक शहर बताया जहां इस विशाल परियोजना के अंतिम चरण पूरे हुए। श्री मोदी ने कहा, “21वीं सदी के भारत के लिए यह ऐतिहासिक कार्य पूरा हो चुका है।”
प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद प्रगति की तीव्र गति को दर्शाते हुए पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारों के सफल कार्यान्वयन की सराहना की जो अब वाणिज्यिक परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये नेटवर्क तेजी से देश के वाणिज्य की आधारशिला बन रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, “हमने इसे गति दी और 2800 किलोमीटर लंबे गलियारे का काम पूरा करके इसे प्रदर्शित किया।”

प्रधानमंत्री ने इस नई राष्ट्रीय जीवनरेखा के परिवर्तनकारी प्रभाव के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यात्री और मालगाड़ियों को अलग करने से प्रतिदिन 430 से अधिक मालगाड़ियां चल सकती हैं जिससे ट्रकों की 30 घंटे की यात्रा घटकर मात्र 10-12 घंटे रह गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में पूर्व की तुलना में आधे से भी कम समय लगता है जिससे ईंधन की बचत होती है, माल ढुलाई का खर्च कम होता है और पर्यावरण की रक्षा होती है। श्री मोदी ने कहा, “यह निवेश एक ही ट्रैक पर किया गया था, लेकिन इससे अनेक लाभ प्राप्त हुए हैं।”

प्रधानमंत्री ने विस्तारित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से कृषि क्षेत्र को होने वाले व्यापक लाभों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार पूर्वी और पश्चिमी भारत के किसान अब जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं को तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मौसमी फूल, सब्जियां और फल जैसी जल्दी खराब होनेवाली वस्तुएं अब उपभोक्ताओं और मंडियों तक समय पर पहुंच रही हैं। श्री मोदी ने कहा, “इससे किसानों को अत्यधिक लाभ हुआ है।”

प्रधानमंत्री ने नए कॉरिडोर पर उल्लेखनीय परिचालन उपलब्धि के बारे में जानकारी साझा करते हुए जेएनपीटी बंदरगाह से वडोदरा तक डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी के सफल संचालन की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस एक ट्रेन की यात्रा ने मुंबई से सीधे 250 से अधिक ट्रकों के बराबर माल कुशलतापूर्वक पहुंचाया। श्री मोदी ने कहा, “अब देश के एक कोने से दूसरे कोने तक बड़ी मात्रा में माल तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।”

प्रधानमंत्री ने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक रेल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अपने प्रशासन की ओर से निरंतर शुरू किए गए प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने एक नई ट्रेन शुरू किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की जिससे छोटा उदेपुर और अलीराजपुर जाने वाले यात्रियों को काफी लाभ होगा। श्री मोदी ने कहा, “रेल अब भारत के उन हिस्सों तक पहुंच रही है जहां दशकों से नहीं पहुंची थी।”

प्रधानमंत्री ने सड़कों, मेट्रो, हवाई अड्डों और गैस पाइपलाइनों सहित बुनियादी ढांचे के विकास के व्यापक आर्थिक प्रभावों का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि मुख्यतः 2.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऐतिहासिक रेलवे बजट के कारण लाखों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों के लिए घरों का निर्माण और बंदरगाहों का विस्तार करना आसपास के क्षेत्रों में नए उद्योगों और व्यवसायों को स्वाभाविक रूप से बढ़ावा देता है। श्री मोदी ने कहा, “रेलवे के आधुनिकीकरण पर हो रहा खर्च हजारों-हजार नए रोजगार सृजित कर रहा है।”

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