छत्तीसगढ़राज्य

नियम विरुद्ध कृषि आदानों के विक्रय पर उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई

खरीफ वर्ष 2026 में जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत जिले के पंजीकृत किसानों को उर्वरकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में जिले की समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिले में अब तक 94 सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इनमें अनियमितता पाए जाने पर 30 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 5 केंद्रों पर उर्वरक बिक्री प्रतिबंधित की गई है।
इसी प्रकार जिले के 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का निरीक्षण किया गया। विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर 8 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं, वैध दस्तावेजों के बिना कीटनाशकों का विक्रय पाए जाने पर 3 केंद्रों में जब्ती एवं बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। कृषि रसायनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक एवं कीटनाशकों के नमूने भी लिए जा रहे हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।
कृषि विभाग द्वारा मौसम की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग तथा संतुलित एवं समन्वित कृषि पद्धतियों के संबंध में प्रक्षेत्र स्तर पर जानकारी दी जा रही है। विभाग ने किसानों से कृषि रसायनों एवं अन्य कृषि आदानों की खरीदी केवल पंजीकृत संस्थानों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से करने की अपील की है, ताकि उन्हें उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान प्राप्त हो सकें।
विभाग ने किसानों को उपज बढ़ाने के नाम पर किए जाने वाले भ्रामक प्रचार से सावधान रहने तथा अवैध तरीके से कृषि आदानों की खरीदी नहीं करने की सलाह दी है। किसानों से डोर-टू-डोर कृषि आदानों की बिक्री से सावधान रहने और क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां पाए जाने पर तत्काल संबंधित कृषि विभागीय अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है।

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