दिल्लीराज्य

ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान, DDU-GKY के छह लाभार्थी बनेंगे 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के विशेष अतिथि

ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के छह लाभार्थियों को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ये युवा पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, मिजोरम और नागालैंड का प्रतिनिधित्व करते हैं।

चयनित लाभार्थियों को भारतीय डाक के माध्यम से आधिकारिक आमंत्रण-पत्र प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह तथा राष्ट्रपति भवन में भारत की माननीय राष्ट्रपति द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘एट होम’ डिनर समारोह में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

 

यह सम्मान केवल इन युवाओं की व्यक्तिगत उपलब्धि का गौरव नहीं है, बल्कि DDU-GKY के माध्यम से कौशल, स्थायी आजीविका और सम्मानजनक रोजगार के क्षेत्र में आए परिवर्तन को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता भी है। इन युवाओं की राष्ट्रीय आयोजनों में उपस्थिति ग्रामीण कौशल विकास व्यवस्था और DDU-GKY के माध्यम से उभरी प्रतिभाओं के लिए गर्व का विषय है।

 

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का प्रमुख प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, राष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रमाणन तथा सम्मानजनक एवं स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

 

योजना के माध्यम से देशभर के लाखों ग्रामीण युवाओं को दीर्घकालिक आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बने हैं। DDU-GKY यह दर्शाती है कि कौशल विकास केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सम्मानजनक करियर, स्थायी आजीविका और आत्मविश्वासपूर्ण जीवन की आधारशिला भी है।

 

इन छह लाभार्थियों को राष्ट्र के प्रमुख आयोजनों में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना योजना की प्रभावशीलता तथा ग्रामीण युवाओं की क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है। यह उपलब्धि चयनित युवाओं की मेहनत और संकल्प के साथ-साथ संबंधित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (SRLMs), परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (PIAs) तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के सतत मार्गदर्शन और समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

यह सम्मान देश के करोड़ों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और इस विश्वास को सुदृढ़ करता है कि कौशल अवसरों का सृजन करता है, स्थायी आजीविका आत्मनिर्भरता को बढ़ाती है और सशक्त युवा विकसित भारत के निर्माण को गति देते हैं।

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