
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के बढ़ते खतरों को देखते हुए राज्य प्रशासन ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से निलंबित (रोक) कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह एक एहतियाती कदम है और जैसे ही मौसम अनुकूल होगा व यात्रा मार्ग सुरक्षित घोषित कर दिए जाएंगे, यात्रा को पुनः सुचारू कर दिया जाएगा। सुरक्षित स्थानों पर रोके जा रहे श्रद्धालु, अफवाहों से बचने की अपील गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले सभी जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं.
सुरक्षित पड़ाव: यात्रा मार्ग पर वर्तमान में मौजूद सभी तीर्थयात्रियों को तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थानों और शेल्टरों में ठहराया जाए।
सुरक्षा जांच: जब तक लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन टीम द्वारा मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित और साफ नहीं घोषित कर दिया जाता, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति न दी जाए।
आधिकारिक जानकारी: गढ़वाल आयुक्त ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन या मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करें।


