
रायपुर सांसद और छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के आधिकारिक अध्ययन दौरे पर पुदुचेरी पहुंचे। सांसद अग्रवाल ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) के प्रमुखों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में भाग लिया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में पुदुचेरी सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय (Directorate of Higher Education), भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग), ऑरोविले फाउंडेशन (Auroville Foundation), पुदुचेरी विश्वविद्यालय, पुदुचेरी तकनीकी विश्वविद्यालय और एनआईटी (NIT) पुदुचेरी के प्रतिनिधि व कुलपति विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के समक्ष आ रही व्यावहारिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। जिसमें संस्थानों में बजट की उपलब्धता, रिक्त पदों (Staffing Vacancies) को भरने की स्थिति और संविदा कर्मचारियों (Contractual Staff) से जुड़े विषयों पर समीक्षा की गई। साथ ही शिक्षण संस्थानों में आरक्षण नीतियों के सही क्रियान्वयन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को जमीनी स्तर पर लागू करने में आ रही दिक्कतों व उनकी प्रगति पर चर्चा हुई। बैठक में संस्थानों के सुचारू संचालन में आ रही प्रशासनिक, शासकीय और स्थान संबंधी (Location-based) समस्याओं के समाधान तलाशे गए।
ऑरोविले फाउंडेशन के कामकाज की समीक्षा
समिति ने ऑरोविले फाउंडेशन के वर्तमान कामकाज और उसकी विभिन्न गतिविधियों के अपडेट पर भी विस्तृत चर्चा की, ताकि इस वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के विकास को और गति दी जा सके। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व शिक्षा मंत्री के रूप में अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव को साझा करते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुखी और गुणवत्तापूर्ण बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में हमने जिस तरह स्थानीय युवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया है, उसी तरह राष्ट्रीय स्तर पर भी सभी राज्यों के समन्वय से एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। पुदुचेरी के इन शीर्ष संस्थानों के अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों का लाभ हम छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक विकास और वहां के युवाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए भी सुनिश्चित करेंगे।


