कान्स में भारत की चमक के बीच फिर ध्यान खींच रहा है दीपिका पादुकोण का बयान

मुंबई। कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारतीय प्रतिनिधित्व हर साल और मजबूत होता जा रहा है और 2026 ने एक बार फिर भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को उजागर किया है, जहां भारतीय सेलेब्रिटीज, इन्फ्लुएंसर्स, फिल्ममेकर्स और क्रिएटर्स ने फिल्म प्रीमियर, ग्लोबल ब्रांड अपीयरेंस और रेड कार्पेट मोमेंट्स के जरिए फेस्टिवल में अपनी चमक बिखेरी है। इसी बढ़ते दबदबे के बीच अब कई लोग दीपिका पादुकोण के एक पुराने बयान को फिर से याद कर रहे हैं।
साल 2022 में, 75वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान इंडिया पवेलियन के उद्घाटन पर, उस वर्ष की प्रतिष्ठित कान्स जूरी सदस्य रहीं दीपिका पादुकोण ने भारतीय सिनेमा और संस्कृति के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर भावनात्मक रूप से अपनी बात रखी थी। उस समय जब भारतीय फिल्में और टैलेंट लगातार अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहे थे, अभिनेत्री ने एक ऐसा अनुमान लगाया था जिसे अब कई लोग धीरे-धीरे हकीकत बनता हुआ मान रहे हैं।
“भारत महानता की दहलीज पर है, यह तो बस शुरुआत है… एक दिन ऐसा आएगा, ऐसा मैं सच में मानती हूं, जब भारत को कान्स जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि कान्स भारत में होगा,” यह बात दीपिका पादुकोण ने अपने भाषण के दौरान कही।
यह बयान हाल के समय में कान्स में बढ़ती भारतीय मौजूदगी के बीच फिर से चर्चा में आया है, चाहे वो ग्लोबल लग्जरी ब्रांड्स के साथ भारतीय एक्टर्स की भागीदारी हो, भारतीय फिल्मों को मिले स्टैंडिंग ओवेशन हों या फिर फिल्ममेकर्स और आर्टिस्ट्स का इंटरनेशनल लेवल की बड़ी चर्चाओं का हिस्सा बनना हो।
दीपिका खुद भी ग्लोबल स्टेज पर भारतीय प्रतिनिधित्व को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती रही हैं। 2022 में कान्स जूरी का हिस्सा बनने से लेकर इंटरनेशनल इवेंट्स में लगातार अपनी मौजूदगी से सुर्खियां बटोरने तक, वह आज भी दुनिया में भारत का एक बड़ा और जाना-पहचाना चेहरा हैं।
दीपिका पादुकोण का यह बयान अब पहले से ज्यादा सही लगता है, क्योंकि एंटरटेनमेंट में भारत का असर लगातार दुनिया भर में बढ़ रहा है। ऑनलाइन कई लोगों के लिए उनके शब्द सिर्फ एक उम्मीद नहीं, बल्कि उस दिशा का इशारा हैं, जहां भारतीय सिनेमा और उसका प्रभाव आगे बढ़ रहा है, खासकर इस साल भी दिखी बड़ी भारतीय मौजूदगी को देखते हुए।


