
दुर्ग । बहुचर्चित तालपुरी ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस जघन्य अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी का मानते हुए कड़ी टिप्पणी भी की।
क्या था मामला
अभियोजन के अनुसार, 21 जनवरी 2020 को भिलाई नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पारिजात कॉलोनी, तालपुरी स्थित क्वार्टर में आरोपी ने अपनी पत्नी मंजू शर्मा, बेटी निशा शर्मा और एक अन्य व्यक्ति राजू की हत्या कर दी थी।
आरोपी ने पहले तीनों के हाथ-पैर और मुंह-नाक को टेप से बांधा, फिर नींद की गोली मिले पानी पिलाकर उनका दम घोंट दिया। बाद में सबूत मिटाने की कोशिश भी की गई।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य अत्यंत वीभत्स और अमानवीय है। उसने सोते हुए लोगों की बेरहमी से हत्या की और अपने निजी स्वार्थ के लिए यह अपराध किया।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि आरोपी के सुधार या पुनर्वास की कोई संभावना नहीं दिखती और यदि उसे समाज में दोबारा मौका दिया गया, तो वह पुनः गंभीर अपराध कर सकता है।
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (तीन मामलों में) के तहत मृत्युदंड, 10,000 रुपये का अर्थदंड (अदायगी न होने पर 3 वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास), धारा 201 के तहत 7 वर्ष सश्रम कारावास और 2,000 रुपये जुर्माना (अदायगी न होने पर 1 वर्ष अतिरिक्त कारावास) सभी सजाएं साथ-साथ भुगतने का आदेश दिया गया है।
हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद होगी फांसी
अदालत ने आदेश दिया है कि मृत्युदंड का निष्पादन तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से इसकी पुष्टि नहीं हो जाती। इसके लिए पूरा प्रकरण उच्च न्यायालय भेजा जाएगा।


