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छत्तीसगढ़राज्य

आईजी और एसएसपी ने आईटीएमएस, साइबर सेल, पुलिस कंट्रोल रूम एवं डायल 112 का किया निरीक्षण, वाहन चालकों पर पैनी नजर

बिलासपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में लगातार सरल, सुगम, सुव्यवस्थित एवं सुचारु आवागमन हेतु लगातार सड़क सुरक्षा संबंधी विभिन्न आयामों पर कार्य किया जा रहा है।
इसी कड़ी में आज यातायात पुलिस बिलासपुर के द्वारा किए जा रहे सड़क सुरक्षा संबंधी विभिन्न कार्यों के अवलोकन एवं निरीक्षण हेतु पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के द्वारा कंट्रोल एंड कमांड सेंटर यूनिट पहुँचकर निरीक्षण किया गया तथा आई टी एम एस के तकनीकी प्रणालियों का बारीकी से समीक्षा की गई। इस दौरान आई टी एम एस के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर किस तरीके से चालानी कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है इस संबंध में पूरी प्रक्रियाओं को आई टी एम एस के तकनीकी एवं डिजिटल एक्सपर्ट के द्वारा ब्रीफ किया गया।
आई टी एम एस के द्वारा इंस्टॉल किए गए 550 से अधिक सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से ए एन पी आर कैमरा के द्वारा किस तरीके से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के नंबर प्लेट कैमरे के माध्यम से स्टोर की जाती है तकनीकी माध्यम से उक्त वाहन के नंबरों को कैप्चर करने के पश्चात अंतिम चालान तक की प्रक्रिया किस तरीके से पूर्ण होती है इसके संबंध में बहुत ही गहन तरीके से वरिष्ठ अधिकारियों को आई टी एम एस की टीम के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से ब्रीफ की गई।
इस दौरान शहर में पिक अवर में शहर के विभिन्न चौक चौराहे एवं मार्गो में आवागमन एवं यातायात दबाव की स्थिति का जायजा लेने हेतु डिजिटल एवं तकनीकी माध्यम से सेटेलाइट के द्वारा किस तरीके से विभिन्न स्थानों का यातायात दबाव (ट्रैफिक कंजेशन) की निगरानी की जाती है इसके संबंध में भी आई टी एम एस के द्वारा कंट्रोल एन्ड कमाण्ड सेंटर में स्थित विशाल मॉनिटर में शहर की पूरे चौक चौराहों की तत्काल ट्रैफिक सिचुएशन (भीड़ की स्थिति) के बारे में ITMS टीम के द्वारा विजिवल माध्यम से बताया गया।
आई टी एम एस में लगे हुए ए एन पी आर कैमरे के द्वारा कितनी संख्या में वायलेशन डिटेक्ट की जाती और अलग-अलग चरणों में किस तरीके से उसका वेरिफिकेशन होकर अंतिम चालान उल्लंघन कर्ता वाहन चालक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जारी किया जाता है यह वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में टीम के द्वारा ऐसे वाहन को डिटेक्ट करके पूरी प्रक्रियाओं का निर्वहन करते हुए अंतिम में यातायात नियम के उल्लंघन करने वाले वाहन चालक के मोबाइल पर भेजी गई।
इस दौरान आई टी एम एस के द्वारा शहर में लगे हुए 23 पी ए सिस्टम एवं 10 एलईडी मॉनिटर सिस्टम के द्वारा किस तरीके से आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए उन्हें ट्रैफिक उल्लंघन एवं यातायात सुरक्षा मापदंडों व मानकों के उपेक्षा एवं अवहेलना पर संदेश प्रसारित की जाती है उसको भी प्रत्यक्ष रूप से वरिष्ठ अधिकारियों के उपस्थिति में संचालित की गई जिस पर उल्लंघन कर्ता वाहन चालकों के द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अपने वाहनों को सतर्कता पूर्वक व्यवस्थित किया गया।
कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वतः ही कई वाहन चालकों के नंबर प्लेट को जूम करने वाली एडवांस डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए जूम करके नंबर प्लेट को रीड कर उन्हें चालान हेतु प्रक्रिया किया तथा आई टी एम एस प्रणाली की अवलोकन एवं निरीक्षण पश्चात और क्या-क्या एडवांस्ड फीचर इसमें जोड़ी जा सकती है इसके संबंध में व्यापक चर्चा की गई।
चोरी हुए वाहनों की पता तलाश में आई टी एम एस प्रणाली के द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है इस संबंध में भी उन्होंने आई टी एम एस टीम के प्रशंसा की तथा नियमित रूप से चोरी हुए वाहनों पर निगरानी रखने हेतु उन्हें सतर्क रहने हिदायत दिए। पुलिस महा निरीक्षक के द्वारा निर्मित सशक्त एप की व्यापक उपयोगिता के संबंध में भी ITMS के पूरे टीम को समझाइस देते हुए उन्हें पुलिस के द्वारा उपयोग की जा रही सभी तकनीकी और डिजिटल प्रणाली को अपराध के नियंत्रण एवं रोकथाम में ज्यादा से ज्यादा प्रभावकारी बनाए जाने के संबंध में पूरे टीम को बताई गई।
इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक एवं डीआईजी व एसएसपी सर के द्वारा साइबर सेल, डायल 112 एवं कंट्रोल रूम का भी अवलोकन एवं निरीक्षण किया गया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान कर उन्हें अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति हमेशा सतर्क रहने हिदायत दिया गया तथा आम नागरिकों के किसी भी प्रकार के शिकायतों के प्रति गंभीरतापूर्वक संवेदनशीलता रखते हुए उनके त्वरित समाधान किए जाने के संबंध में अपना सर्वोत्तम प्रयास सुनिश्चित करने हिदायत दी गई।

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