Google Analytics
छत्तीसगढ़राज्य

गुजरात में एक दशक बाद गोडावन के चूजे को सफलता पूर्वक अंडे से निकाला गया

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा की। गुजरात के कच्छ में एक दशक बाद एक चूजे का जन्म हुआ है। यह उपलब्धि जंपस्टार्ट अप्रोच नामक एक नवीन संरक्षण उपाय के माध्यम से संभव हुई है। इस प्रयास की योजना एक वर्ष पहले बनाई गई थी और इसका समन्वय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने राजस्थान और गुजरात के राज्य वन विभागों और भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से किया था।

देश में जीआईबी की यह पहली अंतरराज्यीय पहल है, जिसे गुजरात में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। यह बताना महत्वपूर्ण है कि गुजरात में कच्छ के घास के मैदानों में केवल तीन मादा जीआईबी ही बची हैं, जिससे जंगल में उपजाऊ अंडे मिलने की कोई संभावना नहीं है। एक सेए हुए अंडे को कच्छ में वांछित घोंसले के स्थान तक पहुंचाने के लिए 770 किलोमीटर की कठिन सड़क यात्रा करनी पड़ी, जिसे सम (राजस्थान) से नालिया (गुजरात) तक बिना रुके एक मार्ग बनाकर पूरा किया गया।

सोशल मीडिया पोस्ट में श्री यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट जीआईबी की परिकल्पना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2011 में गुजरात सहित इसके प्राकृतिक आवासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के लिए की थी और इसे औपचारिक रूप से 2016 में लॉन्च किया गया था। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रजाति के संरक्षण और पुनर्प्राप्ति प्रयासों को मजबूत करने में लगातार प्रगति कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button