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राजस्थानराज्य

दो बड़े ट्रैप : राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को एसीबी ने किया सख्ती से लागू

जयपुर। राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति की सख्ती से पालना करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) राजस्थान ने मंगलवार को एक ही दिन में दो अलग-अलग जिलों में सफलतापूर्वक ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।

अलवर में पटवारी अतुल कुमार यादव, पटवार हल्का खोहरी, तहसील बानसूर, जिला कोटपूतली-बहरोड़ को 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी द्वारा भूमि के इन्तकाल खोलने व राजस्व रिकॉर्ड में अंकन हटाने की एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।

वहीं सवाईमाधोपुर में ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) जगदीश प्रसाद मीणा, पंचायत समिति सवाईमाधोपुर (अतिरिक्त प्रभार जिला परियोजना प्रबंधक) को 1,00,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी द्वारा बीपीएम कर्मियों के बिल पास करने व सेवा से कार्यमुक्त नहीं करने की एवज में रिश्वत मांगी गई थी।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध निरंतर एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पिछली तिमाही में ब्यूरो द्वारा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते हुए कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा पिछली तिमाही में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा कुल 111 प्रकरण दर्ज कर कुल 149 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 68 ट्रेप, 19 रिश्वत मांग, 8 आय से अधिक सम्पत्ति एवं 16 पद का दुरूपयोग के प्रकरण दर्ज किये गये।

उल्लेखनीय है कि दिसंबर, जनवरी एवं फरवरी में अब तक तीन माह में एसीबी राजस्थान द्वारा की गई लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त व प्रो-एक्टिव प्रभावी कार्रवाइयाँ निम्नानुसार हैं –

08 जनवरी 2026 –
परिवहन विभाग प्रकरण में विभिन्न कार्यालयों के अधिकारियों-कर्मचारियों व निजी दलालों के 11 ठिकानों पर आकस्मिक सर्च।

09 जनवरी 2026 – जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, झालावाड़ के अधीक्षण अभियंता विष्णु चन्द गोयल को 84,000 रुपये मूल्य का आईफोन रिश्वत में लेते रंगे हाथों गिरफ्तार।

13 फरवरी 2026 – पंचायतीराज विभाग के कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार (छींपा) के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति मामले में 5 ठिकानों पर सर्च; भारी नकदी, ज्वैलरी व अचल संपत्तियाँ उजागर।

16 फरवरी 2026 – नगर निगम जयपुर की पशु प्रबंधन शाखा में संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेन्द्र सिंह को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार; यह राशि पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा एवं डॉ. राकेश कलोरिया के लिए ली जा रही थी।

17 फरवरी 2026 – जल जीवन मिशन प्रकरण में एसआईटी द्वारा अलसुबह कार्रवाई कर 9 वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार, जिनमें दिनेश गोयल (मुख्य अभियंता प्रशासन), के.डी. गुप्ता (मुख्य अभियंता ग्रामीण), सुभांशु दीक्षित (तत्कालीन सचिव), सुशील शर्मा (वित्तीय सलाहकार), निरिल कुमार (मुख्य अभियंता), विशाल सक्सेना (अधिशाषी अभियंता), अरुण श्रीवास्तव (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सेवानिवृत्त), डी.के. गौड (तत्कालीन मुख्य अभियंता, सेवानिवृत्त) एवं महेन्द्र प्रकाश सोनी (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, सेवानिवृत्त) शामिल हैं।

20 दिसम्बर 2025 की देर रात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अजमेर इकाई ने कुचामन-डीडवाना में कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना साइबर क्राइम सिरसा, हरियाणा के उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों को 6,00,000 रुपये की संदिग्ध रिश्वत राशि सहित पकड़ा। टीम पर साइबर क्राइम प्रकरण में संदिग्धों को डराकर अवैध वसूली कर हरियाणा लौटने का आरोप है।

इसी प्रकार दिसम्बर 2025 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भीलवाड़ा-द्वितीय इकाई ने डॉ. पंकज छीपा, मेडिकल ऑफिसर, केशव पोरवाल हॉस्पिटल, भीलवाड़ा को 11 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

आरोपी पर श्री सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के आयुष्मान योजना के बिल पास करने व अनियमितता सैटल करने के बदले 9.50 लाख रुपये अन्य डॉक्टर हेतु व 1.50 लाख रुपये स्वयं के लिए मांगने का आरोप है।

एसीबी राजस्थान की इन सतत एवं निर्णायक कार्रवाइयों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोरतम कदम लगातार जारी रहेंगे। ब्यूरो पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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