
पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस का प्राइमरी इंजन देश की जनसांख्यिकी, हमारी युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का अदम्य साहस है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर मोदी ने लिखा कि 2025 हर सेक्टर में सुधारों के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण रहा है और इससे देश की विकास यात्रा को रफ्तार मिली और साथ ही विकसित भारत यात्रा के प्रयासों को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि 2025 को भारत के लिए एक ऐसे वर्ष के रूप में याद किया जाएगा, जब सरकार ने पिछले 11 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों के आधार पर निरंतर राष्ट्रीय मिशन के रूप में सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया। हमने संस्थानों का आधुनिकीकरण किया, शासन व्यवस्था को सरल बनाया और दीर्घकालिक, समावेशी विकास की नींव को मजबूत किया।
इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाना, उद्यमियों को आत्मविश्वास के साथ इनोवेशन करने में सक्षम बनाना और संस्थानों को स्पष्टता और विश्वास के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करना है।
पीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि जीएसटी 2.0 ने टैक्स स्लैब की संख्या को घटाकर दो – 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे एमएसएमई, किसानों और अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स के साथ आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम हुआ है।
इसके अलावा, सरकार ने 12 लाख रुपए तक कमाने वालों पर इनकम टैक्स शून्य कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को फायदा हुआ है। वहीं, सरकार ने पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को इनकम टैक्स एक्ट 2025 से प्रतिस्थापित कर दिया है।
यह सभी सुधार मिलकर भारत को एक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-आधारित कर प्रशासन की ओर ले जाएंगे।पीएम ने पोस्ट में बताया कि छोटी कंपनियों के लिए अब टर्नओवर की सीमा 100 करोड़ रुपए तय कर दी गई है। इससे कई छोटी कंपनियों पर अनुपालन का बोझ कम हुआ है।
इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनियों में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और लोग को बेहतर उत्पाद मिल पाएंगे।संसद में प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक पेश किया गया है। इससे सेबी में शासन के मानदंडों में सुधार होगा, निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी, अनुपालन का बोझ कम होगा और विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रतिभूति बाजार सक्षम होगा।


