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दिल्लीराज्य

देश में होने वाला नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार में अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंचा

दिल्ली। कॉप-26 में प्रधानमंत्री द्वारा उल्लिखित दृष्टिकोण के अनुरूप, सरकार 2030 तक 500 गीगावाट गैर-परंपरागत ऊर्जा क्षमता तक पहुंचने के लिए काम कर रही है।
भारत ने जून 2025 में अपनी कुल स्थापित विद्युत शक्ति क्षमता का 50प्रतिशत गैर-परंपरागत ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने की महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह पेरिस समझौते के लिए अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के तहत निर्धारित 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले है।
देश ने अगस्त 2025 में गैर-परंपरागत ऊर्जा की स्थापित क्षमता में 250 गीगावाट की क्षमता प्राप्‍त कर ली। नवंबर 2025 तक गैर-परंपरागत ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 262.74 गीगावाट तक पहुंच गई है, यह देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता (509.64 गीगावाट) का 51.5 प्रतिशत है।
2025 में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष (नवंबर तक) कुल 44.51 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल की है, यह पिछले वर्ष की इसी अवधि में जोड़ी गई 24.72 गीगावाट की तुलना में लगभग दोगुनी है। नवंबर 2025 में कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 253.96 गीगावाट तक पहुंच गई है, यह नवंबर 2024 में 205.52 गीगावाट की तुलना में 23प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
इस प्रगति में सौर ऊर्जा का प्रमुख योगदान है। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान सौर क्षमता में 20.85 गीगावाट की वृद्धि हुई थी, जबकि इस वर्ष सौर क्षमता में 34.98 गीगावाट की वृद्धि हुई है। जनवरी 2025 में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 100 गीगावाट का आंकड़ा पार कर गई। नवंबर 2025 तक सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 132.85 गीगावाट तक पहुंच गई है, यह नवंबर 2024 के 94.17 गीगावाट की तुलना में 41प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
पवन ऊर्जा क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 3.2 गीगावाट की तुलना में इस वर्ष 5.82 गीगावाट की क्षमता वृद्धि हुई है। पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता मार्च 2025 में 50 गीगावाट का आंकड़ा पार कर गई। नवंबर 2025 में पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 53.99 गीगावाट तक पहुंच गई है, यह नवंबर 2024 के 47.96 गीगावाट की तुलना में 12.5प्रतिशत ​​से अधिक की वृद्धि है।
29 जुलाई 2025 को भारत ने विद्युत उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की अब तक की सबसे उच्च हिस्सेदारी हासिल की और नवीकरणीय ऊर्जा से देश की कुल 203 गीगावाट बिजली मांग का 51.5 प्रतिशत पूरी हुई।

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