
बस्तर में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच बुधवार को 108 माओवादी कैडर समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे। ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े ये माओवादी जगदलपुर के शौर्य भवन, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में आयोजित कार्यक्रम में आत्मसमर्पण करेंगे।
दोपहर दो बजे होने वाले इस कार्यक्रम में पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और समाज के वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहेंगे। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाएंगे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक समर्पण करने वाले कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने बीजापुर सहित बस्तर रेंज के कई जिलों में जंगलों में छिपाकर रखे हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री की बड़ी डंप बरामद की है। इन बरामद सामग्री को कार्यक्रम में प्रदर्शित भी किया जाएगा। पुलिस के अनुसार पिछले दो वर्षों में बस्तर में 2700 से अधिक माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। शासन की पुनर्वास नीति के तहत समर्पित माओवादियों को आर्थिक सहायता, आवास, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।


