
खैरागढ़: इक्कीसवी सदी में अंधविश्वास और जादू-टोने का प्रभाव इस कदर हावी हो गयी है कि लोग किसी की जान लेने से भी नहीं बाज आ रहे हैं। खैरागढ़ जिले से ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां जादू टोने के शक में एक युवक ने अपने पड़ोसी महिला को मौत के घाट उतार दिया।

खैरागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भरदाकाला में बीते दिन एक अधेड़ महिला का शव खून से लथपथ मिला था। इस मामले में पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए विवेचना शुरू की। खैरागढ़ पुलिस महज 24 घंटे के भीतर इस हत्या की गुत्थी को सुलझा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का खुलासा एसपी त्रिलोक बंसल ने प्रेस कांफ्रेंस कर किया।
एसपी के मुताबिक, पूरा मामला अंधविश्वास से जुड़ा है। मृतिका मिलवनतींन बाई के पड़ोसी आरोपी सोहन बघेल की बहन पिछले कई दिनों से बीमार थी, जिससे सोहन का पूरा परिवार बहन की बीमारी की वजह पड़ोसी मिलवनतींन बाई को मानता था। मिलवनतींन बाई पर आरोपी सोहन बघेल जादू टोना करने का शक करता था। सोहन की बहन पिछले एक साल से बीमार चल रही थी, लेकिन किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह लेना छोड़ सोहन और उसका परिवार बैगा के चक्कर में पड़ गया। बहन की बीमारी में तो सुधार नहीं आया, उल्टा उसकी हालत और बिगड़ने लगी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोहन बघेल की बहन की बिगड़ी हालत का ज़िम्मेदार मिलवनतींन बाई को ही मानकर गुस्से में सोहन उसके घर पहुंचा और धारदार हंसिया से मिलवनतींन बाई पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या कर सोहन बघेल अपने कपड़े और जूते जलाकर राजनांदगांव में छुप गया। इधर खैरागढ़ पुलिस लाश मिलने के बाद से ही मामले की जांच में जुट गई थी। तकनीकी सहायता और टीम वर्क से पुलिस ने महज आठ घंटे में आरोपी सोहन बघेल को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सोहन पुलिस की गिरफ्त में है, उसने अपना गुनाह कबूल लिया है। लेकिन पूरे मामले में सोचने वाली बात ये है कि अंधविश्वास और जादू टोने की भ्रांतियां और कब तक समाज में फैली रहेगी और कब तक केवल किसी के शक करने मात्र से किसी की हत्या की जाएगी।